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बहु आयामी प्रतिभा के धनी थे डॉ भीमराव अम्बेडकर संस्कृत भाषा को राष्ट्र भाषा घोषित करने के प्रबल समर्थक थे,..डा भीमराव अम्बेडकर

ByVijay Singhal

Apr 14, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मथुरा महानगर द्वारा भारतरत्न बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के उपलक्ष में सरस्वती कुंड स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभाग कार्यालय पर विचार गोष्ठी का आयोजन महानगर अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर की अध्यक्षता में किया गया।
गोष्ठी के मुख्य वक्ता संस्कृत भारती ब्रजप्रांत न्यास अध्यक्ष ओमप्रकाश बंसल ने डॉ अम्बेडकर जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 अप्रैल 1891को मध्य प्रदेश के महू में आपका जन्म हुआ था वे बाल्यकाल से ही प्रतिभाशाली थे उन्हें 9 भाषाओं का ज्ञान था और 32 डिग्री उनके पास थीं वे भारतीय संविधान के जनक तो थे ही समाज सुधारक भी थे।
इस अवसर पर संस्कृत भारती ब्रजप्रांत संगठन मंत्री नरेन्द्र भागीरथी ने कहा कोई भी महापुरुष किसी जाति, पन्त, वर्ग, क्षेत्र तक सीमित नहीं होते उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व सदैव व्यापक एवं सर्वस्पर्शी होता है यह सर्वमान्य सिद्धांत बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी पर भी लागू होता है।
इस अवसर पर संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मंत्री धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा प्रखर देशभक्ति एवं राष्ट्र निष्ठा डॉ अम्बेडकर जी के समस्त विचारों एवं कार्यों को संचालित करती थी।भारत की महान समन्वयकारी संस्कृति पर उनकी दृढ़ आस्था थी।
इस अवसर पर न्यास सचिव गंगाधर अरोड़ा, साहित्य प्रमुख जगदीश प्रसाद शर्मा एवं पत्राचार प्रमुख गणेश शंकर पाण्डेय ने कहा कि डॉ भीमराव अम्बेडकर का हिन्दू धर्म दर्शन परम्परा एवं संस्कृति का उनका अध्ययन और चिन्तन,मनन गहन एवं व्यापक था इसलिए इसके आधार पर निकाले गए उनके निष्कर्ष राष्ट्रीय एकता तथा समाज हित में उपयोगी सिद्ध हुए।
इस अवसर पर महानगर कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय आवा, प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी शास्त्री  ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ भीमराव अम्बेडकर ने अपने विचारों एवं कार्यों के माध्यम से भारतीय समाज में जातिवाद, असमानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा की उनके समाज सेवा और आन्दोलनात्मक कार्य ने भारतीय समाज को समग्र रूप से प्रभावित किया। वे संस्कृत भाषा को राष्ट्रभाषा घोषित करने के प्रबल समर्थक थे।
अन्त में गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मथुरा महानगर अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने अपने संबोधन में कहा कि भारतरत्न बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर बहु आयामी प्रतिभा के धनी थे वे विधिवेत्ता, शिक्षाविद्, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, समाज सुधारक, लेखक,विचारक,चिन्तक और महान राष्ट्रभक्त थे उन्हें स्वतंत्र भारत का प्रथम न्याय मंत्री बनाया गया वे भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माताओं में से एक थे।
गोष्ठी के प्रारंभ में संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मथुरा महानगर के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा भारतरत्न बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
गोष्ठी का शुभारंभ संस्कृत भारती महानगर मंत्री गोविन्द जी द्वारा मां सरस्वती की वन्दना प्रस्तुत कर किया गया। विस्तारक देवव्रत तोमर द्वारा ध्येय मंत्र का पाठ किया गया। सम्पर्क प्रमुख संदीप चौधरी द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। गोष्ठी का संचालन संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मथुरा महानगर सहमंत्री भगतसिंह जी द्वारा किया गया गोष्ठी का समापन कल्याण मंत्र से किया गया।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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