हाइड्रा की मदद से पहले उसे स्थापित किया गया, इसके बाद उसमें उपकरणों को स्थापित किया जा रहा है। ट्रांसमिशन के अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर को बदलने का कार्य निरंतर जारी है। सब कुछ ठीक रहा तो 12 मई तक कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद ट्रांसफार्मर का ट्रायल होगा। ट्रायल की सफलता के बाद विद्युत आपूर्ति पूर्व की भांति सुचारू हो जाएगी। गनीमत रही एक ही ट्रांसफार्मर जला औरंगाबाद 132 सब स्टेशन पर 63 एमवीए का दो ट्रांसफार्मर लगे थे। पांच मई को एक ट्रांसफार्मर जल गया। दूसरे ट्रांसफार्मर से अधिकारियों ने विद्युत आपूर्ति सुचारू कराई। इसके साथ ही जनपद के तीन बिजली घरों से प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति कराई गई। अधिकारियों का कहना है कि यदि दोनों ट्रांसफार्मर जल जाते तो पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति ठप हो जाती। विपिन सिंघल, एसडीओ, ट्रांसमिशन ने बताया अभी ट्रांसफार्मर स्थापित होने में दो दिन का समय और लगेगा। 13 मई को ट्रायल होने की संभावना है। ट्रायल सफलता पूर्वक होने पर विद्युत आपूर्ति पूर्व की भांति शुरू हो जाएगी।
