हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान हुए हादसे के बाद प्रशासन भीड़ पर नियंत्रण के लिए हर दिन नई व्यवस्था बना रहा है। यही व्यवस्था अब आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में की गई बैरिकेडिंग आसपास के लोगों के लिए भारी पड़ रही है। स्थानीय नागरिक बिना पहचान पत्र दिखाए विद्यापीठ चौराहा और जुगल घाट से मंदिर की ओर नहीं जा पा रहे हैं। यदि वह बिना पहचान पत्र दिखाए जाता है तो उसे दर्शनार्थी माना जाता है। इसके लिए उसे अपने जूते-चप्पल वहां बने स्टैंडों पर उतारने पड़ रहे हैं और उनसे सौ सवाल पूछे जा रहे हैं। इसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। ठाकुर बांके बिहारी बाजार में विद्यापीठ चौराहे से पुलिस चौकी तक लगाई गई बैरिकेडिंग को हटाने को लेकर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने इस बैरिकेडिंग से हो रही परेशानी से अवगत कराया। रविवार को अधिवक्ता गोविंद बल्लभ गौतम, नीरज गौतम, बांके बिहारी व्यापार मंडल अध्यक्ष अमित गौतम, गोविंद खंडेलवाल और निवर्तमान पार्षद वैभव अग्रवाल ने जिलाधिकारी पुलकित खरे, एसएसपी शैलेष पांडे एवं अपर नगर आयुक्त क्रांतिशेखर सिंह से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। अधिकारियों को बताया गया कि नई व्यवस्था से बच्चों की स्कूलों की वैन शहर में अंदर नहीं आ पा रही है। अधिकारियों से पूछा गया कि इमरजेंसी होने पर एंबुलेंस, फायरब्रिगेड की गाड़ी कैसे आएगी। आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बांकेबिहारी बाजार को प्रयोगशाला बना दिया है। अगर बैरिकेडिंग नहीं हटी तो आंदोलन किया जाएगा। इधर अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासंघ के महामंत्री अमित भारद्वाज ने कहा कि बांकेबिहरी मंदिर मार्ग में लगाई गई बैरिकेडिंग व्यवहारिक नहीं है।
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Author: Vijay Singhal
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