हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। दिल्ली, हरियाणा व पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर यमुना में भी देखने को मिल रहा है। यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऊपर से करीब 20 हजार क्सूसेक पानी भी यमुना में छोड़ा गया है। इससे एक सप्ताह में यमुना का जलस्तर 163.55 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 166 मीटर पर है। यमुना किनारे रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ रही हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी चिंता न करने की बात कही है।
प्रशासन का दावा है कि पर्याप्त मात्रा में इंतजाम कर रखे हैं। खतरे से निशान से अभी यमुना 3.00 मीटर नीचे है। ताजेवाला बांध, ओखला बैराज से करीब 20 हजार क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। गोकुल बैराज से भी 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मथुरा में 2023 में यमुना के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ आ गई थी। यमुना किनारे के वृंदावन व शहर के विश्राम घाट सहित अन्य घाट डूब गए थे। वृंदावन परिक्रमा मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गया था। इसके अलावा शहर में भी द्वारिकाधीश मंदिर के आसपास के इलाकों में पानी भर गया था। मांट क्षेत्र में भी काफी नुकसान हुआ था। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि बाढ़ के संबंध में बैठक हो चुकी है। इसमें निर्देश देकर बारिश के मौसम से पूर्व ही सभी इंतजाम, बचाव-राहत दल की तैनाती, बाढ़ से बचाव के संसाधन आदि जुटा लिए गए हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ा है, मगर बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।
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Author: Vijay Singhal
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