हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। तीन गांवों से घिरे परखम मार्ग पर जोधपुर झाल क्षेत्र में ईको पर्यटन विकास के लिए जोधपुर पक्षी पर्यावास विकास केंद्र विकसित किया जा रहा है। फरह के 64 हेक्टेयर क्षेत्र में एमवीडीए इस पर सात करोड़ से अधिक धनराशि खर्च कर रहा है। इसमें जहां प्रकृति प्रेमियों को विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को देखने का अवसर मिलेगा तो वहीं पक्षियों के संरक्षण और प्रवास की मुहिम को भी बढ़ावा दिया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा ईको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रकृति प्रेमियों के लिए सात करोड़ तीन लाख 54 हजार रुपये से मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण जोधपुर पक्षी पर्यावास विकास केंद्र बना रहा है। इसमें प्रकृति प्रेमियों के लिए तीन हजार सात सौ मीटर का नेचर वॉक पाथवे बनाया जाएगा। कैंटीन, शौचालय ब्लॉक, पार्किंग एवं इंटरप्रटेशन हॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसमें यहां आने वाले लोगों को प्राेजेक्टर के माध्यम से पक्षियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। पक्षियों और आगंतुको की निगरानी के लिए दो वाच टॉवर भी खड़े किए जा रहे हैं। पक्षियों को प्रकृति पर्यावास के लिए सात जलाशय और 13 प्रकृति से परिपूर्ण टीले विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पर्यावरण सलाहाकार मुकेश शर्मा ने बताया कि जोधपुर, कोट गांव और कीठम के बीच फरह से परखम को जाने वाले मार्ग पर यह कार्य हो रहा है। इस क्षेत्र में 185 प्रजातियों के पक्षी हैं। जिन्हें इसके बाद प्रकृति से परिपूर्ण पर्यावास स्थल मिलेगा। पक्षियों को शांत और सुरक्षित माहौल मिलेगा और उनकी देखरेख भी हो सकेगी। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एसबी सिंह ने बताया कि मथुरा में ईको पर्यटन को बढावा देने के लिए जोधपुर पक्षी पर्यावास विकास केंद्र के रूप में एक बड़ा कदम उठाया गया है। वर्तमान में बारिश के कारण कार्य की गति धीमी हो गई है। बारिश के मौसम के बाद कार्य में गति लाई जाएगी। मार्च 2025 तक इस कार्य के पूरे होने की संभावना है।
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Author: Vijay Singhal
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