• Sun. May 3rd, 2026

मथुरा के निचले इलाकों में ठहर गया पानी, कम नहीं हो रही परेशानी

ByVijay Singhal

Sep 16, 2025
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। यमुना का लगातार जलस्तर कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन निचले क्षेत्रों में बाढ़ का पानी ठहरने से लोगों की परेशान बढ़ गई है। जलभराव से संक्रमण रोग फैलने का खतरा मंडराने लगा है और दुर्गंध से परेशानी हो रही है। नगर निगम द्वारा जलनिकासी के लिए लगाए गए पंपसेट नाकाफी साबित हो रहे हैं। इसके बाद भी निगम की टीम व पार्षद लोगों की मदद में जुटे हैं। लक्ष्मीनगर के ईसापुर, हंसगंज यमुना खादर क्षेत्र की कई कॉलोनियां अभी बाढ़ के पानी से घिरी हुई हैं। ठहरे हुए पानी में मच्छर पनप रहे हैं। कई दिनों तक पानी ठहरने से दुर्गंध का भी सामना करना पड़ रहा है। मार्गों पर मिट्टी की सिल्ट जमा हो गई है। नगर निगम के सामने इस गंदगी को हटाने की बड़ी चुनौती है। जल निकासी के लिए लगाए गए पंपसेट नाकाफी साबित हो रहे हैं। नगर निगम आयुक्त जगप्रवेश ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थितियां परखीं। उन्होंने निचले इलाकों, घाटों एवं संपर्क मार्गों पर जमा मिट्टी, सिल्ट और गाद की सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। करीब एक सप्ताह के अंदर सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित होने की संभावना है। इधर, एडीएम एफआर डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि सोमवार शाम चार बजे प्रयाग घाट का 165.62 मीटर जलस्तर दर्ज किया है। वहीं हथिनीकुंड से 20 हजार क्यूसेक, ओखला से 28 हजार क्यूसेक और गोकुल बैराज से 64 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.