हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छटीकरा में डालमिया फार्म हाउस में हरे पेड़ काटने का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पहुंच गया है। इस मामले में दो याचिकाएं दायर हुई हैं। दोनों याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई होनी है। सोमवार को एनजीटी इस मामले में बड़ा फैसला दे सकती है। इस मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी के बाद अब वृंदावन के पर्यावरणविद मधुमंगल शरण दास शुक्ला ने भी एनजीटी में याचिका दायर की है। पहली याचिका नंबर 1191/2024 अधिवक्ता नरेंद्र ने 6 प्रमुख बिंदु सुनवाई के लिए रखे हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि इस मामले में कई संवैधानिक उल्लंघन किए हैं। मथुरा के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण, नगर निगम तथा वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों का कटान संभव नहीं है।
दूसरी याचिका संख्या 1192/2024 है जो मधुमंगल शरण दास शुक्ल ने दायर की हैं। इसमें कोर्ट से 14 बिंदुओं पर सुनवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि याचिका में वृंदावन एवं संपूर्ण ब्रजभूमि की वन संपदा को और क्षति न पहुंचे इसके लिए अंतरिम आदेश दिए जाएं। ताकि अवैध वृक्ष कटान को तुरंत रोका जा सके। भूमाफिया का यह कृत्य इलाहाबाद हाईकोर्ट की जनहित याचिका संख्या 36311/2010 के तहत दिए गए आदेश-निर्देशों का उल्लंघन है। डालमिया बगीचे को नष्ट करने वालों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम 1980, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 में दिए गए आदेशों के तहत रिपोर्ट दर्ज हो।
दूसरी याचिका संख्या 1192/2024 है जो मधुमंगल शरण दास शुक्ल ने दायर की हैं। इसमें कोर्ट से 14 बिंदुओं पर सुनवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि याचिका में वृंदावन एवं संपूर्ण ब्रजभूमि की वन संपदा को और क्षति न पहुंचे इसके लिए अंतरिम आदेश दिए जाएं। ताकि अवैध वृक्ष कटान को तुरंत रोका जा सके। भूमाफिया का यह कृत्य इलाहाबाद हाईकोर्ट की जनहित याचिका संख्या 36311/2010 के तहत दिए गए आदेश-निर्देशों का उल्लंघन है। डालमिया बगीचे को नष्ट करने वालों के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम 1980, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 में दिए गए आदेशों के तहत रिपोर्ट दर्ज हो।
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Author: Vijay Singhal
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