हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नगर निगम की प्रवर्तन टीम पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। 20 दिन पहले औरंगाबाद में कार्रवाई के नाम पर व्यापारी का इलेक्ट्रानिक कांटा व अन्य सामान जब्त किया गया। व्यापारी जब अपना सामान लेने नगर निगम पहुंचा तो वहां पता चला कि सामान रिकॉर्ड में ही दर्ज नहीं है।
औरंगाबाद के टाउनशिप निवासी नवेद ने बताया कि 22 मई को उनके यहां गुलबीर, राजेश कुमार, विजय सिंह और नरेश आए। चारों ने खुद को नगर निगम की प्रवर्तन टीम का कर्मचारी बताया। वह कार्रवाई के नाम पर उनका नया इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले गए, इसकी कीमत करीब चार हजार रुपये है। उनका आरोप है कि जब वह अगले दिन जुर्माना भरकर अपना सामान छुड़ाने नगर निगम कार्यालय पहुंचे तो रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि कांटा कार्यालय के मालखाने में जमा ही नहीं किया गया है। अब कर्मचारी कांटा तलाशने में जुटे हैं। नगर आयुक्त जग प्रवेश का कहना कि अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराकर जो भी लिप्त होगा कार्रवाई की जाएगी। लोगों का आरोप है कि नगर निगम की प्रवर्तन टीम में कुछ ऐसे कर्मचारी हैं जो माध्यम वर्गीय दुकानदारों और ठेले वालों को निशाना बनाते हैं। ये कर्मी पहले दुकानदारों को डराते-धमकाते हैं और फिर उनका कीमती सामान (जैसे कांटा, गैस सिलिंडर, भट्टी या काउंटर) जब्त कर लेते हैं। जब्त सामान को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने के बजाय बेच देते हैं। पीड़ित नवेद द्वारा लगाए गए आरोप भी कुछ ऐसे ही हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान जब्त सामान की व्यापारी को रसीद दी जाती है।
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Author: Vijay Singhal
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