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निकाय चुनाव की घर बैठे बना दी गई मतदाता सूची, कम उम्र में ही बन गया वोट तो कहीं पूरा परिवार ही रह गया वंचित

ByVijay Singhal

May 6, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मतदाता सूची का ही करिश्मा है कि 14 साल का किशोर 45 साल का मतदाता बन गया। मृतकों का नाम सूची में शामिल है। परिवार के पांच सदस्यों के नाम पर 17 वोट दर्ज कर दिए गए। जो लोग शहर में मौजूद नहीं है उनका नाम भी मतदाता सूची में शामिल है। एक मोहल्ले के वोट दूर के किसी मोहल्ले में दर्ज कर दिए। कई मोहल्ले ऐसे भी हैं, जिनके मतदाताओं के नाम दो वार्डों में दर्ज है। मतदाता सूची में यह हेराफेरी बृहस्पतिवार को मतदान के दौरान सामने आई है। सदर तहसील में मतदाता सूची तैयार करते वक्त बरती गई लापरवाही ने ऐसे हालात पैदा किए कि बड़ी तादाद में लोग वोट का इस्तेमाल नहीं कर सके। नगर निगम चुनाव में पहली बार सबसे अधिक सवाल मतदाता सूची पर उठे हैं। संक्षित पुनरीक्षण के दौरान बरती गई लापरवाही इसका कारण मानी जा रही है। लोग खुलकर आरोप लगा रहे हैं कि सदर तहसील अंतर्गत तैयार हुई मतदाता सूची घर बैठकर बनाई गई। इसमें जिसे चाहा उसका नाम जोड़ दिया और जिसे नहीं चाहा उसका नाम हटा दिया गया। इसका अंदाजा महतपुरा निवासी 14 वर्षीय ओम और 17 वर्षीय नित्या कपूर को मतदाता बनाए जाने से ही लगाया जा सकता है। वार्ड 61 निवासी कृष्णकांत चतुर्वेदी ने बताया कि उनके परिवार के वोट जानकीबाई और लक्ष्मीबाई दोनों बूथों पर थे। वार्ड 53 निवासी संजय गोविल ने बताया कि उनके परिवार के वोट बूथ संख्या 471 और 472 दोनों में दर्ज हैं। इसी तरह वार्ड 18 निवासी विजय अग्रवाल ने बताया कि उनका नाम 18 और 53 दोनों वार्डों में था। भाजपा के महानगर महामंत्री प्रदीप गोस्वामी ने बताया कि उनके परिवार के पांच सदस्यों के नाम अलग-अलग भाग संख्या पर 12 वोटर के रूप में दर्ज मिले हैं। गोविंद नगर ई सेक्टर के मतदाताओं के नाम वार्ड 55 और 39 में मिले। मंडी रामदास और गऊघाट तथा महोली व जयसिंहपुरा में भी इसी प्रकार की गड़बड़ी मिली है। ये तो मात्र उदाहरण है, मतदाता सूची में इस प्रकार से नामों का दोहराव बड़ी संख्या में हुआ। इस दोहराव को हटाया जाए तो अनुमान है कि नगर निगम क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 7.22 लाख के स्थान पर महज 5 लाख ही रह जाएगी।

पुनरीक्षण के दौरान गायब किए नाम बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की भी है, जिन्हें तहसील स्तर पर किए गए पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से गायब कर दिया गया है। वार्ड 16 निवासी पंकज चौधरी ने बताया कि रामकृष्ण नगर की जनसंख्या करीब 1100 है, लेकिन मतदाता सूची में महज 110 वोटर ही दर्ज थे। जमुनाधाम काॅलोनी में करीब 350 मतदाता है, लेकिन सूची में किसी का नहीं मिला। वार्ड 43 निवासी सतीश डावर ने बताया कि राधापुरम स्टेट के बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब थे। सिविल लाइन में जवाहरबाग कॉलोनी, नहर विभाग कॉलोनी और आशा नगर में भी बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं मिले हैं। झींगुरपुरा निवासी दिनेश ने बताया कि परिवार के आधे सदस्यों के नाम सूची से गायब हैं। कृष्णकांत चतुर्वेदी ने बताया। मतदाता सूची का इस बार बुरा हाल रहा। सबसे ज्यादा परेशानी का कारण नगर निगम की मतदाता सूची बनी है। किसी का चार जगह नाम दर्ज है तो किसी के परिवार के नाम ही नहीं शामिल किए गए। मतदान को राष्ट्रीय पर्व बताया गया है। लोगों को मतदान के प्रति प्रेरित करने के लिए अनेक अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जिसकी सबसे अधिक आवश्यकता है, उस पर ध्यान किसी का नहीं है। जिलाधिकारी को इसका संज्ञान लेना चाहिए। प्रेमचंद महावर ने कहा  मनमानी हो रही है। एक तरफ मतदान के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है तो मतदान करने पहुंच रहे लोगों के नाम सूची से ही गायब है। प्रशासन की लापरवाही के चलते लोग चाह कर भी वोट नहीं डाल पाए हैं। नित्या कपूर ने कहा

निर्धारित उम्र से पहले ही मेरा और मेरे भाई का नाम मतदाता सूची में शामिल कर दिया है। हमारी उम्र भी 37 और 45 वर्ष दर्ज है। पता नहीं किस तरह हमारे वोट बन गए।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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