हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में 24 घंटे बिजली दिए जाने के आदेश मंदिरों की नगरी में बेअसर साबित हो रहे हैं। बूढ़े हो चले बिजली घर निर्बाध आपूर्ति करने में हांफ रहे हैं। आबादी बढ़ रही है तो लोड भी बढ़ रहा है और इस कारण पुराने तार टूट रहे हैं जिससे बिजली भी बाधित हो रही है। वृंदावन में पिछले दस वर्षों में बढ़ी आबादी की तुलना में बिजली घरों को अपग्रेड किया गया है और न जरूरत के हिसाब से इनकी संख्या बढ़ाई गई है। नगर में दो सब स्टेशन हैं जिनसे पुराने शहर में बिजली पहुंचाई जा रही है। 25 एमवीए का पागल बाबा स्थित विद्युत सब स्टेशन से कैलाश नगर, वात्सल्य ग्राम क्षेत्र, रमनरेती, बिहारी पुरा, राधावल्लभ मंदिर क्षेत्र, जुगल घाट तक सप्लाई की जा रही है। विद्युत उपकेंद्र से जुगल घाट की दूरी पांच किलोमीटर से अधिक है। रंगजी बगीचा स्थित 13 एमवीए के विद्युत उपकेंद्र पर भी लोड बढ़ गया है, यहां से रामकृष्ण मिशन, मुखर्जी नगर, राजपुर, चुंगी चौराहा, केसीघाट आदि क्षेत्रों में आपूर्ति होती है।
चैतन्य विहार और रुक्मिणी विहार में बने उपकेंद्रों से नई बसावट में ही सप्लाई की जा रही है। विद्युत लोड बढ़ने से तारों का टूटना आम हो जाता है और इस कारण आपूर्ति बाधित हो रही है। जरूरत के सापेक्ष कम संसाधन होने के चलते निर्बाध आपूर्ति नहीं हो पा रही। एसडीओ संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि दो नए विद्युत केंद्र की आवश्यकता को देखते हुए शासन से मांग की थी। शासन से सहमति मिलने के बाद जगह की तलाश की जा रही है। दो केंद्र बनने के बाद लोड घट जाएगा जिससे 24 घंटे बिजली देने में आ रही बाधा दूर होगी। केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना में मथुरा-वृंदावन को 200 करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं। इससे तार बदले जाएंगे जिससे कि अधिक लोड के कारण वह टूटे नहीं। गलियों में छोटे ट्रांसफार्मर रखवाए जाएंगे। सड़क बनते-बनते धंस गई केबल नगर की पुरानी आबादी में विद्युत केबल भूमिगत की गई थीं, लेकिन बार-बार सड़कों के खुदने के कारण वह धंस गई हैं। केंद्र सरकार से मिली धनराशि को इन केबलों के रखरखाव और नए स्थानों पर तारों को भूमिगत करने के काम में लिया जाएगा।
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