हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भगवान श्रीकृश्ण की नगरी हुई राम मय गिरधर मुरारी परिवार द्वारा अद्भुत 108 रामचरित्र मानस परायण का हुआ समापन -भगवान श्रीराम की कृपा से सभी मनोरथ होते हैं पूर्ण – डॉ. लवनाथ जी कुषनाथ जी – प्रभू श्रीराम की कृपा से स्व. श्री जमुना दास चौगानी जी की षताब्दी महोत्सव के अंतर्गत हुआ अश्टोत्तरषत रामचरित्रमानस पाठ आज दिनांक 23/12/2023 को दिन षनिवार को मथुरा में स्व. श्री जमुना दास चौगानी के जन्म षताब्दी महोत्सव के अंतर्गत नव दिवसीय अश्टोत्तरषत श्रीरामचरित्रमानस पाठ मथुरा स्थित स्वामी नारायण मंदिर, में डॉ. लवनाथ जी और डॉ. कुषनाथ के युगल सान्निध्य में संगीतमय सामूहिक 108 नव परायण मानस पाठ का आयोजन पिछले 9 दिवस से किया जा रहा था। आज इस यज्ञ के समापन मेला पर उक्त व्यास डॉ. लवनाथ एवं डॉ. कुषनाथ जी ने 9 दिन में श्रीरामचरित्रमानस का संगीतमय पाठ श्रोताओं को श्रवण कराया व साथ ही प्रभु श्री राम की कृपा प्रभू का नाम का महत्व, प्रभू की अपने भक्तों पर कृपा और श्रीराम की उदारता और मर्यादा पुरूशोत्तम भगवान श्रीराम के चरित्र का बहत सुन्दर संगीतमय वर्णन किया गया, समापन की बेला पर मुख्य व्यास डॉ. लवनाथ जी डॉ. कुषनाथ जी ने कहा कि आज इस यज्ञ की प्रेरणा उनके परिवार को समाजसेवी जमुनादास जी ने प्रदान की, जो आज जन्मषताब्दी समारोह का रूप लेकर इस मानस यज्ञ का आयोजन कर रही है, गिरधर मुरारी परिवार प्रारंभ से ही धार्मिक और सांस्कारिक परिवार के साथ उच्च चरित्रिक सम्पन्नता के साथ उदारता भी इस परिवार की षोभा है। आज श्री गिरधर पाठक जी, श्री हरिदास पाठक जी, धन्यवाद के पात्र हैं, जो प्रभू की कृपा से इस सुन्दर यज्ञ का आयोजन किया गया। मीडिया प्रभारी सचिन चतुर्वेदी ने बताया कि श्री गिरधर मुरारी परिवार के द्वारा विगत 13 दिसम्बर से स्वामी नारायण मंदिर में प्रतिदिन 108 विद्वानों के साथ संगीतमय रामायण पाठ पूज्य व्यास श्री लवनाथ जी एवं श्री कुषनाथ जी के निर्देषन में किया गया, संगीत निर्देषन श्री लोकेष चतुर्वेदी सी.ए. के द्वारा किया गया, कार्यक्रम में इन्दौर, मुम्बई, सूरत, अहमदाबाद से आये संगीत कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी, कार्यक्रम में मुख्य रूप से गोपाल पीठाधीष्वर 108 श्री पुरूशोत्तमलाल जी महाराज उपस्थित थे। लगातार 9 दिन तक कृश्ण की नगरी में अनवरत चला राम का नाम। राम मय हुई मथुरा नगरी। कार्यक्रम का मंच संचालन श्री गिरधर पाठक जी के द्वारा किया गया, कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री हरिदास पाठक जी, श्री गिरधर पाठक जी, श्री अमरीक्ष पाठक जी, श्री अभिशेक पाठक जी, डॉ. लवनाथ चतुर्वेदी, डॉ. कुषनाथ चतुर्वेदी, श्री आनन्द चतुर्वेदी, श्री बालकृश्ण चतुर्वेदी, श्री सचिन चतुर्वेदी, उमाकांत चतुर्वेदी विकास चतुर्वेदी बृजकिशोर चतुर्वेदी कपिल चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।
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Author: Vijay Singhal
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