हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सीमावर्ती राज्यों के बदमाशों द्वारा उत्तर प्रदेश में वारदात अंजाम देकर भूमिगत होने के मामलों पर लगाम के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को हरियाणा और राजस्थान का साथ मिल गया है। शुक्रवार को गोवर्धन स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक बैठक में अंतरराज्यीय अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए तीनों राज्यों के पुलिस के उच्चाधिकारियों ने योजना तैयार की। वहीं, लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा संबंधी मुद्देन पर गहन वार्ता हुई। एडीजी आगरा जोन अनुपमा कुलश्रेष्ठ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हरियाणा, राजस्थान के अलावा यूपी के आगरा जोन के पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। अनुपम कुलश्रेष्ठ ने पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों से साइबर अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए यूपी पुलिस से समन्वय बनाकर काम करने की अपील की। लोकसभा चुनाव में शातिर अपराधियों के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा हुई। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने जनपदों के बारे में जानकारी साझा करते हुए अपराध को रोकने और अपराधियों के खिलाफ मुहिम चलाने पर सहमति जताई। कुलश्रेष्ठ ने यूपी समेत पूरे देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि गोवर्धन थाना क्षेत्र स्थित देवसेरस, मड़ोरा, दौलतपुर इसका गढ़ माना जाता है। इन गांवों में बैठे युवक राजस्थान के भरतपुर, डीग और हरियाणा के नूंह व पुन्हाना के साइबर अपराधियों से सांठगांठ कर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक भरतपुर, पुलिस महानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र दीपक कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अलीगढ़ परिक्षेत्र अलीगढ़ शलभ माथुऱ, पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट आगरा जे. रविन्द्र गौड़, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा शैलेश पांडेय, पुलिस अधीक्षक भरतपुर, पुलिस अधीक्षक डीग, पुलिस अधीक्षक पलवल, पुलिस अधीक्षक नूंह व अन्य अधिकारी शामिल रहे।
अपराधियों का डाटा साझा करेंगे तीनों राज्य
तीनों राज्यों की पुलिस सीमावर्ती जिलों के ऐसे अपराधियों की सूची तैयार करेगी, जो एक से दूसरे राज्य में जाकर अपराध को अंजाम देते हैं। इनमें इनामी अपराधियों का भी डाटा शामिल रहेगा।
तीनों राज्यों की पुलिस सीमावर्ती जिलों के ऐसे अपराधियों की सूची तैयार करेगी, जो एक से दूसरे राज्य में जाकर अपराध को अंजाम देते हैं। इनमें इनामी अपराधियों का भी डाटा शामिल रहेगा।
साइबर अपराध से लेकर अन्य अपराधों के प्रति बेशक अधिकारी गंभीर हैं, लेकिन उनके सादा वर्दी वाली टीम से सांठगांठ पर भी लगाम की जरूरत है। आईपीएल के दौरान इस टीम के तार मैच पर सट्टेबाजी कराने वालों से जुड़े। वहां से मोटा संरक्षण शुल्क लिया गया। संरक्षण शुल्क देने वाला सदर बाजार इलाके का एक सफेदपोश था। वहीं, गोविंद नगर इलाके का एक व्यक्ति भी इसी काम को लेकर टीम का खास बना हुआ है।
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Author: Vijay Singhal
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