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फरह में रैंप बनाने के विवाद में रिश्ते में भतीजे ने चाचा को गोली मारी

ByVijay Singhal

Jan 27, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। फरह थाना क्षेत्र के महुअन गांव में बृहस्पतिवार सुबह नाली पर रैंप बनाने के विवाद में एक वृद्ध की उसके रिश्ते के भतीजे ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी अपनी पत्नी को लेकर फरार हो गया। पुलिस आरोपी पति-पत्नी पर केस दर्ज कर उनकी तलाश में जुटी है। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव परिवार के सुपुर्द कर दिया। शिव सिंह (66) निवासी महुअन, पेशे से किसान थे। सुबह करीब 9 बजे उनके पड़ोस में ही रहने वाला रिश्ते में भतीजा टुंडाराम अपने घर के सामने नाली पर रैंप बना रहा था। शिव सिंह ने इसका विरोध किया दोनों में कहासुनी हो गई। उमेश सिंह ने बताया कि कहासुनी के बाद टुंडाराम व उसकी पत्नी उर्मिला ने उसके पिता को पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच टुंडाराम घर से तमंचा निकालकर लाया और उसके पिता को गोली मार दी। उन्हें लहूलुहान देखकर बड़े भाई की पत्नी नीरज ने शोर मचाया। लोगों की भीड़ जुटती इससे पहले ही टुंडाराम अपनी पत्नी के साथ कार में बैठाकर फरार हो गया। गांव व परिवार के लोग शिव सिंह को अस्पताल लेकर गए, लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक शिव सिंह के दो पुत्र हैं। बड़ा बेटा सुरेंद्र सिंह फौज में है और जबलपुर में तैनात है। छोटा बेटा उमेश गांव में ही रहता है। परिजनों के अनुसार सुरेंद्र को सूचना दे दी गई है। उनके घर आने पर शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। मथुरा। महुअन में बृहस्पतिवार सुबह रिश्ते के भतीजे द्वारा चाचा की गोली मारकर हत्या की घटना से गांव में सनसनी फैल गई। जांच में पता चला है कि वारदात का तात्कालिक कोई कारण नहीं था, बल्कि इसके पीछे पारिवारिक संपत्ति के मामले में आरोपी और मृतक के बीच मनमुटाव चल रहा था।
इंस्पेक्टर फरह, कमलेश सिंह ने बताया कि टुंडाराम अर्द्धसैन्य बल में था। उसने अपने एक साथी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में वह 20 साल जेल भी काट चुका है। टुंडाराम का एक बेटा व पांच बेटियां हैं। बेटा एयरफोर्स में है। गांव में पति-पत्नी ही रहते हैं। गांव वालों ने बताया कि टुंडाराम के जेल में रहने के दौरान शिव सिंह के परिवार ने उसके परिवार की बेटे-बेटियों के शादी संबंधों में मदद की थी। जांच में सामने आया कि टुंडाराम के बाबा के दो भाई थे, जिनमें से एक से शिव सिंह के पिता थे। जबकि दूसरे की शादी नहीं हुई थी। अविवाहित बाबा की संपत्ति की वसीयत टुंडाराम के जेल में रहने के दौरान शिव सिंह के नाम की गई थी। इसी बात को लेकर टुंडाराम, उनसे मनमुटाव रखने लगा था। सिर्फ गांव-समाज में दिखाने के लिए दोनों परिवारों में बोलचाल थी। इधर, गांव के लोगों को पहले तो यकीन ही नहीं हुआ कि टुंडाराम द्वारा यह हत्या की गई है। पुलिस को भी गांव वाले कुछ खुलकर नहीं बता पा रहे थे। बहू बोली, टुंडाराम ने गोली मारी, सुरेंद्र सिंह की पत्नी नीरज ने बताया कि वह ससुर शिव सिंह को चाय देने के लिए घर के बाहर निकली थी। देखा कि टुंडाराम व उसकी पत्नी उर्मिला उनकी पिटाई कर रहे थे। देखते ही देखते टुंडाराम ने ससुर शिव सिंह को गोली मार दी। यह देख वह शोर मचाते-मचाते बदहवास हो गई।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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