हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा को हाईटेक और स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नगर निगम,विकास प्राधिकरण और ब्रज तीर्थ विकास परिषद प्रयास कर रहे हैं। तीनों विभाग मिलकर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर मथुरा को नया रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के तहत मथुरा के ध्रुव घाट श्मशान स्थल पर जल्द विद्युत और गैस से शवों के अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था की जायेगी। इसके लिए आगरा मॉडल का अनुसरण किया जा रहा है। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के सभागार में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में एक मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक में ध्रुव घाट पर नव निर्मित विद्युत और गैस से संचालित होने वाले शवदाह गृह के संचालन को लेकर चर्चा की गई। बैठक में नगर आयुक्त झा सहित श्मशान स्थल का संचालन कर रही समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रताप ने श्मशान स्थल के संचालन के लिए त्रिपक्षीय समझौता का मसौदा रखा। इसमें तीन पक्ष मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण,नगर निगम और श्मशान स्थल का संचालन करने वाली समिति हैं। इस श्मशान स्थल पर नगरीय अवस्थापना निधि से 1 करोड़ 6 लाख रुपए की लागत से बिजली और गैस से चलने वाली दो भट्टी लगाई गई हैं। मथुरा में अलीगढ़ जाने वाले रास्ते पर यमुना पुल के किनारे पर स्थित ध्रुव घाट पर श्मशान स्थल बना हुआ है। 1670 वर्ग मीटर में बने इस श्मशान स्थल पर बेसमेंट,ग्राउंड फ्लोर और पार्किंग रहेगी। श्मशान स्थल पर 125 किलोवाट का विद्युत कनेक्शन लिया जाएगा। ध्रुव घाट पर बने श्मशान स्थल पर बनाए गए नव निर्मित विद्युत और गैस शवदाह गृह पर एक शव का अंतिम संस्कार गैस से करने पर 1 घंटे का समय लगेगा। इसके साथ ही एक अंतिम संस्कार में 20 किलो गैस लगेगी। शव के अंतिम संस्कार के दौरान होने वाले धुएं की निकासी के लिए 100 फीट ऊंची चिमनी बनाई गई है। बैठक में अधिकारी और संचालन समिति के पदाधिकारियों ने विद्युत गैस शवदाह गृह के संचालन के लिए मंथन किया। जिसमें विचार विमर्श किया गया कि किस तरह विद्युत गैस शवदाह गृह का संचालन किया जायेगा। बैठक में बताया गया कि आगरा में नगर निगम और विकास प्राधिकरण द्वारा श्मशान के सभी प्रकार के व्यय उठाए जाते हैं। आगरा में यह काम काफी लंबे समय से चल रहा है। नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि एमवीडीए और नगर निगम तथा संचालन समिति में शवदाह गृह के हस्तांतरण को लेकर विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा उसका संचालन और रखरखाव कैसे किया जाए इस पर चर्चा हुई। आगरा में यह व्यवस्था चल रही है इसलिए आगरा मॉडल का अध्ययन करने का निर्णय लिया गया है। आगरा में ताजगंज में स्थित श्मशान स्थल का संचालन कैसे किया जाता है उसका रखरखाव कैसे होता है उसकी व्यवस्था कैसे चलती है इसके लिए पत्रावली मंगाई जायेगी। विकास प्राधिकरण सचिव राजेश सिंह ने बताया कि पत्रावली का अनुसरण करने के बाद यह व्यवस्था मथुरा में लागू की जायेगी। बैठक में संचालन समिति से गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी,धनेश मित्तल,संजय गोविल,उमाशंकर अग्रवाल,शशि भानु गर्ग,अनिल अग्रवाल और राधामोहन पाराशर मौजूद रहे।
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Author: Vijay Singhal
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