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भक्तों के लिए पृथ्वी पर अवतरित होते हैं भगवान : गिरीशानंद

ByVijay Singhal

Jul 11, 2026
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छटीकरा मार्ग स्थित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आश्रम के सभागार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं को वामन अवतार, बलि प्रसंग, गंगा अवतरण, श्रीराम जन्म, श्रीराम विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्म की कथा श्रवण कराई। व्यास पीठाधीश्वर स्वामी गिरीशानंद सरस्वती ने कहा कि अखिल कोटि ब्रह्मांड नायक भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर जन्म लेकर न केवल पापियों, अत्याचारियों व दैत्यों का संघार किया बल्कि उन तमाम भक्तों, ऋषियों-मुनियों एवं साधु-संतों की वाणियों को साकार किया, जिन्होंने पूर्व जन्मों में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं में संलग्न होने का वरदान प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर पापियों के द्वारा पाप-अनाचार बढ़ने लगता है और धर्म की हानि होने लगती है। दुष्टों का विनाश और धर्म की पुनर्स्थापना करने के हेतु पृथ्वी पर भगवान नारायण का प्रादुर्भाव होता है।साथ ही भगवान नारायण अपने प्रिय भक्तों का जीवन कृतार्थ करने के लिए भी पृथ्वी पर अवतरित होते हैं।इससे पूर्व विजयराम देवाचार्य, बाबा बलरामदास देवाचार्य, दिगम्बर अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ. राजेश्वर दास, दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर राजीव लोचन, महामंडलेश्वर स्वामी सुरेशानंद परमहंस, भागवत प्रवक्ता वर्षा हरि कौशल, संदीप कुमार आदि ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन व आरती की। वहीं भव्य नंदोत्सव मनाने के साथ भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की दिव्य झांकी सजाई गई। भक्तों ने बधाईयों व भजनों का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया। व्यासपीठ से खेल-खिलौने, वस्त्र-आभूषण आदि लुटाए गए। इस अवसर पर विश्व हिन्दू महासंघ मठ मंदिर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राज नारायण द्विवेदी, साधना गुप्ता, विजय गुप्ता, वरुण, प्रेरणा, अमित अग्रवाल, लोकेश पाराशर आदि उपस्थित रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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