हिदुस्तान 24 टीबी न्यूड चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के प्राचीन सप्त देवालय में ठा. राधादामोदर, गोविंद देव, राधा गोपीनाथ, राधा मदनमोहन मंदिर में व्यंजन द्वादशी से खिचड़ी महोत्सव शुरू हो गया है। इसी के साथ ही ठाकुरजी ऊनी वस्त्र धारण करने के साथ ही चांदी की सिंगड़ी की भी सेवा होने लगी है। खिचड़ी महोत्सव में सुबह ठाकुरजी का मेवायुक्त खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा। यह महोत्सव बसंत पंचमी से एक दिन पूर्व तक मनाया जाएगा। प्रभु की सेवा की जाने लगी है। यह सेवा दिन के दो पहर प्रात: और शाम को की जा रही है। प्रभु की भोग की मेन्यू में भी परिवर्तन हो जाएगा। प्रभु को प्रात: मेवा युक्त खिचड़ी का भोग, दोपहर में प्रभु को 36 व्यंजनों परोसे जाने लगे हैं और शाम को ऊनी वस्त्रों में भक्तों को दर्शन देंगे। शयन भोग में उन्हें गोस्वामीजन मेवा और केसर युक्त दूध एवं पकवान का परोसेंगे। ठा. राधादामोदर मंदिर के सेवायत कृष्ण बलराम गोस्वामी ने बताया कि सर्दी आते ही प्रभु की पोशाक एवं उनकी प्रसाद सेवा में परिवर्तन किया जाता है। ताकि सर्दियों के पकवान एवं पोशाक प्रभु नित नई धारण करते हैं। रविवार व्यंजन द्वादशी से बसंत पंचमी के एक दिन पूर्व तक दिन निरंतर मेवे की खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा। इस उत्सव को खिचड़ी महोत्सव के रूप में जाना जाता है।
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Author: Vijay Singhal
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