हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जनपद में मानसून ने दूसरी बार वर्षा ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। करीब ढाई घंटे की वर्षा में एक तरह से प्रमुख मार्ग पानी में डूब गए। भूतेश्वर तिराहा और नया बस स्टैंड पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण शहर दो हिस्सों में बंट गया और सड़क पर आवामगन पूरी तरह ठप हो गया। दर्जनों वाहन पानी के बीच ही फंस गए और खराब हो गए। नगर निगम ने पंपिंग सेट के जरिए पानी निकालने की कोशिश की, लेकिन देर शाम तक पानी नहीं निकाला जा सका। कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों को मंगलवार दोपहर ढाई बजे उस समय राहत मिली, जब आसमान में अचानक काले बादल छाए और देखते ही देखते झमाझम वर्षा होने लगी। वर्षा से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिल गई। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में महोली रोड, जयगुरुदेव क्षेत्र, बीएसए रोड, कंकाली मार्ग, रेलवे अंडरपास, रोडवेज बस स्टैंड के आसपास का इलाका और निचली कालोनियां रहीं। अंडरपास में पानी भरने से वाहनों का आवागमन रोकना पड़ा। कई दोपहिया वाहन चालक पानी के बीच फंस गए, जबकि चारपहिया वाहनों को भी रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं पैदल श्रद्धालुओं व राहगीरों को फिसलन के बीच जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन को पार करके निकलना पड़ा। शाम के समय हालात और अधिक खराब हो गए। इससे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में काफी दिक्कत हुई। कई मुहल्लों में गलियां पूरी तरह जलमग्न हो गईं। वर्षा रुकने के बाद भी समस्या खत्म नहीं हुई। जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नजर आई। नाले चोक होने से कालोनियों में कई घंटों तक पानी सड़कों पर जमा रहा। लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। जगह-जगह जलभराव के कारण जाम की स्थिति बनी रही और यातायात प्रभावित रहा। नगर निगम और जलकल विभाग की टीमें शाम से जलनिकासी में जुटीं। पंपसेट लगाकर अंडरपास और जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने का प्रयास किया गया। इससे साफ हो गया कि शहर की नालों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था अभी भी भारी वर्षा का दबाव झेलने में सक्षम नहीं है।
