हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बलदेव, राया और महावन क्षेत्र में रात के समय परिक्रमा मार्ग अंधेरे में डूब जाता है। मांट क्षेत्र में भी यही स्थिति है, जिससे रात में परिक्रमार्थियों का सफर जोखिम भरा हो सकता है। 17 मई से ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा शुरू हो रही है। इसमें वृंदावन, लोहवन, गोकुल, बरसाना, नंदगांव शेरगढ़, चीरघाट, मधुवन, राधाकुंड, तालवन, कुसुम सरोवर, बहुलावन, शातनु कुंड, जतीपुरा, डीग, कामवन, कोकिलायन, जाप, कोसीकलां के कोटवन, शेरगढ़, पैगांव समेत अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रज के प्रमुख परिक्रमा मार्गों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बलदेव से राया मार्ग और बलदेव से महावन के बीच लंबी दूरी तक एक भी लाइट चालू हालत में नहीं है। यही स्थिति मांट क्षेत्र की है, जहां यात्री मोबाइल की टॉर्च या निजी वाहनों की रोशनी के सहारे होंगे। रात के समय अंधेरा होने के कारण परिक्रमार्थी अक्सर रास्ता भटक जाते हैं या ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। एडीएम एफआर डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर 84 कोस परिक्रमा मार्ग की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी।
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Author: Vijay Singhal
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