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हथिनी फूलकली ने पूरे किए आजादी के 12 साल

ByVijay Singhal

May 18, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सड़कों पर भीख मांगने वाली हथिनी फूलकली ने 50 साल से अधिक समय तक गुलामी के बाद आज अपनी आजादी के 12 साल पूरे कर लिए। वर्ष 2012 में वन्यजीव संरक्षण संस्था वाइल्डलाइफ एसओएस इस बुजुर्ग हथिनी को मथुरा स्थितहाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र में लेकर आई थी। अब वह स्वस्थ हैं और सुकून से रह रही हैं। फूलकली से उत्तर प्रदेश की सड़कों पर भीख मंगवाई जाती थी। गर्म तारकोल वाली सड़कों पर लगातार घंटों तक चलने से पैरों में गंभीर समस्याएं हुईं। पैर के नाखूनों में फोड़े, फटे हुए फुटपैड और संक्रमित घाव थे। जब हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र में लाया गया तब उसकी रीढ़ की हड्डी उभरी हुई थी और गंभीर कुपोषण और निर्जलीकरण के लक्षण दिखाई दे रहे थे। आज फूलकली का जीवन पहले से बेहतर है, क्योंकि एनजीओ की पशु चिकित्सा टीम और हाथी देखभाल कर्मचारियों ने धीरे-धीरे उसे ठीक किया और उसे आरामदायक महसूस कराया। औषधीय फुटबाथ, पैर के नाखून ट्रिमिंग सत्र, आरामदायक हाइड्रोथेरेपी सत्र और पौष्टिक आहार के साथ, उसके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। 67 वर्षीय हथिनी को सहारे के रूप से हथनियां एम्मा और माया का भी साथ मिला। डॉ. इलियाराजा, उप निदेशक पशु चिकित्सा सेवाएं, वाइल्डलाइफ एसओएस ने बताया की फूलकली के लिए एम्मा और माया के साथ ने उसकी उपचार और आज़ादी की इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तीनों एक साथ दैनिक सैर पर जाती हैंं।
आज फूलकली पूरी तरह से बदल चुकी है। उसकी आज़ादी की 12वीं वर्षगांठ पर, वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने फूलकली के लिए फ्रूट फीस्ट (फलों की दावत) का आयोजन किया। वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा जंगल में हथनियां अक्सर बड़े झुंड में रहती हैं। भले ही फूलकली के पास यहां कोई झुंड नहीं है, लेकिन उसने अपने साथियों के साथ जो तिकड़ी बनाई है, वह उसे हर दिन आगे बढ़ने की भावनात्मक ताकत देती है।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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