• Sun. Jun 28th, 2026

ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी का मथुरा के चुनावी मैदान में मुश्किल इम्तिहान,

ByVijay Singhal

Apr 5, 2024
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की प्रत्याशी हेमा मालिनी ऐसी राजनेता हैं, जिन्होंने न केवल सिनेमा जगत में अदाकारी की ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि राजनीति में भी अपना परचम लहराया। उन्होंने पिछले दो लोकसभा चुनावों में प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी शिकस्त दी है। इस बार उनके समक्ष मथुरा लोकसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार जीतने की चुनौती है। 1991 से 1999 तक लगातार चार बार भाजपा के कब्जे में रही मथुरा लोकसभा सीट 2004 में भाजपा के हाथ से फिसल गई थी। इसके 10 वर्ष बाद 2014 में प्रसिद्ध अभिनेत्री हेमा मालिनी को भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारा। हेमा ने अपने स्टारडम और जनता से जुड़ाव का बखूबी इस्तेमाल किया और मथुरा सीट भाजपा की झोली में डाल दी। वर्ष 2019 में भी सीट भाजपा के ही खाते में रही। हेमा के दोनों कार्यकाल देखे जाएं तो वह न केवल संसद में सक्रिय रहीं, बल्कि अपने क्षेत्र में भी लोगों से संपर्क में रहीं। हालांकि, लगातार दो बार सांसद रहने के कारण सत्ता विरोधी माहौल की काट हेमा की सबसे बड़ी चुनौती है। विजेंदर ने दिया कांग्रेस को झटका हेमा से मुकाबले के लिए इस बार कांग्रेस ने मथुरा सीट पर ग्लैमर का तड़का लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर विजेंदर सिंह को उतारने की तैयारी की थी, लेकिन विजेंदर ने बुधवार को सभी को चौंकाते हुए भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। ऐसे में कांग्रेस की युवाओं और जाट वोटरों को साधने की तैयारी धरी की धरी रह गई थी। अब कांग्रेस ने नामांकन से ऐन पहले मुकेश धनगर को प्रत्याशी बनाया है। बसपा ने बदला प्रत्याशी हेमा को चुनावी मुकाबले में घेरने के लिए बसपा ने भी जाट कार्ड खेलते हुए पूर्व आईआरएस अधिकारी सुरेश सिंह पर दांव लगाया है। इसके पूर्व बसपा ने 23 मार्च को वरिष्ठ पत्रकार कमलकांत उपमन्यु को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन बाद में पार्टी ने प्रत्याशी बदल दिया। भाजपा के लिए राहत यह है कि पिछले चुनाव में भाजपा की मुख्य प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय लोकदल इस बार पार्टी के साथ है।

मथुरा लोकसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ बन चुका है। 1991 से पहले मथुरा लोकसभा क्षेत्र से कभी भाजपा या जनसंघ का उम्मीदवार नहीं जीता था लेकिन 1991 के बाद 2019 तक हुए आठ लोकसभा चुनाव में से छह चुनाव यहां भाजपा जीती है। 2004 का चुनाव जहां कांग्रेस जीत गई थी, वहीं 2009 के चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी जीते थे। 2014 से हेमा मालिनी यहां की सांसद हैं। मथुरा में सामाजिक और जातीय समीकरण में जाट और ब्राह्मण लगभग बराबर 20-20 प्रतिशत हैं। ठाकुर करीब 16 प्रतिशत, वैश्य 12 प्रतिशत, एससी 18 प्रतिशत और मुस्लिम लगभग छह प्रतिशत हैं।

7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.