हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। रिफाइनरी के समीप ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के प्रमुख पड़ाव कोयल घाट पर अधिकमास के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अधिकमास का समापन 15 जून को सोमवती अमावस्या के साथ होगा, जिसे विशेष पुण्यदायी माना जाता है। पूरे अधिकमास में लाखों श्रद्धालुओं ने कोयल घाट पर यमुना स्नान और पूजा-अर्चना की। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अधिकमास और सोमवती अमावस्या का यह दुर्लभ संयोग विशेष पुण्यदायी है। ऐसे योग में किए गए जप, तप और दान का कई गुना फल प्राप्त होता है। अधिकमास को सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। धर्माचार्यों ने सोमवती अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान, पीपल पूजा और दान को फलदायी बताया है। वर्ष 2029 में 16 मार्च से 13 अप्रैल तक पुनः अधिक मास का संयोग बनेगा।
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Author: Vijay Singhal
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