हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में ठाकुर मोहिनी बिहारी जी के टटिया स्थान आने का शताब्दी महोत्सव रविवार को धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया गया। सुबह ठाकुरजी का पंचामृत से महाभिषेक हुआ। संतों ने समाज गायन में स्वामी हरिदास सहित हरिदायीस संप्रदाय के संतों के पदों का गायन कर शताब्दी महोत्सव पर बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में ब्रजमंडल के संतों का झरा भंडारा हुआ। सौ साल पहले ठाकुर मोहिनी बिहारी जी निधिवन राज मंदिर से हरिदसीय संप्रदाय के प्रमुख टटिया स्थान आये थे। इससे पहले ठाकुरजी की निधिवन राज मंदिर में ही संतों द्वारा सेवा पूजा की जाती रही। ठाकुरजी के आगमन पर टटिया स्थान को पारंपरिक रूप से सजाया और परिसर में बनाए मंच पर संगीत सम्राट स्वामी हरिदास, ठाकुर मोहिनीबिहारी के साथ स्वामी हरिदास के साथ टटिया स्थान के अब तक के आचार्यों की छवि सजाई गई। मंच के समक्ष हरिदासीय संप्रदाय के संतों ने स्वामीजी व हरिदासीय संप्रदाय के आचार्यों के पदों का गायन कर ठाकुरजी को शताब्दी महोत्सव की समाज गायन कर बधाई दी। टटिया स्थान में जब समाज गायन चल रही था तभी बैंडबाजों के साथ वैष्णव संप्रदायों के अखाड़ों के चिन्ह लेकर आश्रम पहुंचे संतों का माल्यार्पण कर स्वागत हुआ। अखाड़ों के निशानों को विराजित कर उनका पूजन हुआ और भोग अर्पित हुआ। इसके बाद ब्रजमंडल के संत, महंतों का झरा भंडारा शुरू हुआ। सुबह से शाम तक टटिया स्थान में बही आध्यात्मिक बयार में देशभर से आए भक्तों ने जमकर आनंद उठाया।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
