हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में परिक्रमा मार्ग स्थित एक आश्रम की फर्जी वसीयत बनाकर बेचने का मामला सामने आया है। इस मामले में संत के शिष्य ने 10 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। कोतवाली में दर्ज एफआईआर के अनुसार परिक्रमा मार्ग स्थित पुराना कालीदह क्षेत्र में संत भगवान दास ने 2004 में आश्रम का निर्माण कराया था। अपने को भगवान दास का शिष्य बताने वाले केशवदास ने बताया कि गुरुजी ने आश्रम की सफाई आदि कार्य के लिए मीरा निवासी कालीदह मूल निवासी दमोह, मध्य प्रदेश को नौकरी पर रखा था। आरोप है कि कोरोनाकाल में गुरुजी की मृत्यु के बाद मीरा ने अपने पुत्र गंगाराम, मोतीराम के अलावा मदनमोहन घेरा, वृंदावन निवासी खेमचंद के साथ मिलकर फर्जी वसीयत तैयार की और वर्ष 2023 में आश्रम का बैनामा खेमचंद के नाम कर दिया। फर्जी वसीयत बैनामे में राकेश पांचाल निवासी अमरपुरा, कोटा, राजस्थान, दयाशंकर सैनी निवासी मदनमोहन घेरा, वृंदावन, रामकिशन निवासी खांगोली, मांट, गंगाराम प्रजापति निवासी कुम्हारवारा, दमोह, दम्मू काछी निवासी फुटेराकला, दमोह, कन्हैया अग्रवाल निवासी आश्रम विहार, वृंदावन ने गवाही दी। शिकायत पर पुलिस ने सभी 10 आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार शाही ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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Author: Vijay Singhal
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