बांके बिहारी मंदिर में हुई मं
विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी जी मंदिर में भगवान के जन्म के बाद मंगला आरती की गई। यहां वर्ष में केवल श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ही मंगला आरती की जाती है। रात 2 बजे होने वाली मंगला आरती के दर्शनों के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्त अपने आराध्य की एक झलक पाने को आतुर नजर आए। मंगला आरती के बाद शुरू हुआ बधाई देने का दौर।मंदिर के पुजारियों ने पहले भगवान के आगे चांदी से बना झुनझुना बजाया और फिर बधाई बांटना शुरू किया। पुजारियों ने भक्तों को बधाई स्वरूप रुपए वितरित किए। इस दौरान टॉफी,फल आदि भी लुटाए गए। श्री कृष्ण जन्म उत्सव के बाद दक्षिण भारतीय शैली के श्री रंगनाथ मंदिर में भगवान सोने की पालकी में विराजमान हो कर माखन खाते हुए दामोदर स्वरूप में भक्तों को दर्शन देने निकले। निज मंदिर से परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ निकली भगवान की सवारी के दर्शन करने के लिए भक्त लालायित नजर आए। भगवान के दामोदर स्वरूप में निकली सवारी के दौरान भक्तों को उपहार लुटाए गए। भगवान के खजाने से लाई गई मुद्रा स्वरूप सिक्के,वस्त्र,खिलौना आदि सामान भक्तों को लुटाए गए तो मंदिर परिसर कान्हा के जयकारों से गुंजायमान हो उठा और भक्त कहने लगे नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की,हाथी दीने घोड़ा दिने और दिए पालकी।
