हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिला अस्पताल में मरीज सुबह 8 बजे से पहले ही पहुंचना शुरू हो गए थे। इस समय तक सफाईकर्मी ओपीडी के बाहर बरामदे में झाड़ू लगा रहा था, जबकि ओपीडी के कमरों पर ताले लगे हुए थे। न तो डॉक्टर ही आए हैं और न ही पर्चा बनवाने का काउंटर ही खुला हुआ मिला। सोमवार को यह नजारा देखने को मिला जिला अस्पताल का। महर्षि दयानंद जिला चिकित्साल में ओपीडी का समय प्रात: 8 से लेकर दोपहर बजे तक है। इस समय में डॉक्टर को मरीज देखने होते हैं। मरीजों का आरोप है कि एक-दो डॉक्टर को छोड़ दिया जाए तो कोई भी समय से ओपीडी में नहीं बैठते हैं। कई डॉक्टर तो 9 बजे के बाद ही मरीजों को देखना आरंभ करते हैं। फिर बाहर उनके चैंबर के बाहर कितने ही मरीज क्यों न एकत्रित हो जाएं। सोमवार को सुबह जिला अस्पताल में ओपीडी का नजारा कुछ ऐसा नजर आया। कुर्सी खाली, दोनों सर्जन नदारद मिले
प्रात: 8.05 बजे- कक्ष 2 :-यह सर्जन कक्ष है, यहां गंभीर मरीज आते हैं। कक्ष में सर्जन डॉ. विकास मिश्रा और डॉ. रमेश चंद्र की ड्यूटी है पर तय समय तक दोनों की कुर्सी खाली पड़ी थीं और डॉक्टर नदारद थे। उनके कक्ष के बाहर बाहर 3 मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। बाल रोग विशेष नहीं पहुंचे समय से प्रात: 8.13 बजे- कक्ष 4:- यह बाल रोग विशेषज्ञ का कक्ष है। आजकल मौसमी बीमारियों के कारण बड़ी संख्या में बच्चे बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य संक्रामक रोगों से परेशानन हैं। निर्धारित समय तक डॉ. अमन कुमार का मरीज देखना तो दूर कक्ष का ताला तक नहीं खुल सका था।
पर्चा काउंटर का ताला ही नहीं खुला था।
प्रात: 8.16 बजे- कक्ष 7-00:-यहां ओपीडी के पर्चे बनाए जाते हैं। लेकिन यह कमरा भी निर्धारित समय तक नहीं खुला था और ताला लगा हुआ था। बाहर मरीज एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि आखिर कमरे का ताला कब खुलेगा और पर्चा बनवाकर वह डॉक्टर को दिखाकर दवा ले सकेंगे। सामाजिक दूरी का पालन नहीं प्रात: 8.15 बजे- कक्ष 5:- यहां मरीजों के पर्चे बनाए जाते हैं। सुबह से ही पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लाइन लग गई। यहां लाइन में लगे मरीज और तीमारदार न तो मास्क ही लगाए हुए थे और न ही सामाजिक दूरी का पालन हो रहा था। अस्पतालकर्मी भी जागरूक नहीं कर रहे थे। प्रात: 8.18 बजे-कक्ष 6:- सामान्य बीमारियों के लिए आमतौर पर लोग फिजीशियन को दिखाते हैं। जिला अस्पताल में डॉ. रवि माहेश्वरी की तैनाती है। वह सामान्य रोगों के मरीजों को भी देखते हैं। सवा आठ बजे तक उनके कमरे का ताला नहीं खुला था। जबकि मरीज बाहर खड़े हुए थे।
सीएमएस भी समय से नहीं पहुंचे।
प्रात: 8.20 बजे: – मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुकुंद बंसल भी अपने कार्यालय में निर्धारित समय पर मौजूद नहीं मिले। उनके कार्यालय को तो कर्मचारी ने खोल दिया और साफ-सफाई कर दी, पर आठ बजकर बीस मिनट तक सीएमएस अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे।
प्रात: 8.10 बजे- कक्ष 3 :- अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल अपने कक्ष में मौजूद मिले। उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगा रखा था और मरीजों को देखने से पहले अपने रजिस्टर आदि अलमारी से निकाल रहे थे। वहीं दूसरे डॉ. लाल सिंह इस समय तक नहीं पहुंचे थे।
खुशीराम, लक्ष्मीनगर, यमुनापार ने बताया
जिला अस्पताल में डॉ. रवि माहेश्वरी को दिखाने के लिए सुबह आठ बजे आ गए थे, लेकिन 8.25 बज रहे हैं और डॉक्टर अभी तक नहीं आए हैं। वह इसकी शिकायत करने के लिए सीएमएस के पास गए तो वह भी अपने कमरे में मौजूद नहीं मिले।
डॉ. मुकुंद बंसल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा
डॉक्टर्स सही समय पर जिला अस्पताल में आ जाते हैं। कई बार राउंड लेने में समय लग जाता है। जिसकी वजह से वह समय पर ओपीडी में नहीं पहुंच पाते हैं। कई बार जेल अथवा अन्य वीआईपी ड्यूटी में होने के कारण भी डॉक्टर समय से ओपीडी नहीं ले पाते हैं।
प्रात: 8.05 बजे- कक्ष 2 :-यह सर्जन कक्ष है, यहां गंभीर मरीज आते हैं। कक्ष में सर्जन डॉ. विकास मिश्रा और डॉ. रमेश चंद्र की ड्यूटी है पर तय समय तक दोनों की कुर्सी खाली पड़ी थीं और डॉक्टर नदारद थे। उनके कक्ष के बाहर बाहर 3 मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। बाल रोग विशेष नहीं पहुंचे समय से प्रात: 8.13 बजे- कक्ष 4:- यह बाल रोग विशेषज्ञ का कक्ष है। आजकल मौसमी बीमारियों के कारण बड़ी संख्या में बच्चे बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य संक्रामक रोगों से परेशानन हैं। निर्धारित समय तक डॉ. अमन कुमार का मरीज देखना तो दूर कक्ष का ताला तक नहीं खुल सका था।
पर्चा काउंटर का ताला ही नहीं खुला था।
प्रात: 8.16 बजे- कक्ष 7-00:-यहां ओपीडी के पर्चे बनाए जाते हैं। लेकिन यह कमरा भी निर्धारित समय तक नहीं खुला था और ताला लगा हुआ था। बाहर मरीज एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि आखिर कमरे का ताला कब खुलेगा और पर्चा बनवाकर वह डॉक्टर को दिखाकर दवा ले सकेंगे। सामाजिक दूरी का पालन नहीं प्रात: 8.15 बजे- कक्ष 5:- यहां मरीजों के पर्चे बनाए जाते हैं। सुबह से ही पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लाइन लग गई। यहां लाइन में लगे मरीज और तीमारदार न तो मास्क ही लगाए हुए थे और न ही सामाजिक दूरी का पालन हो रहा था। अस्पतालकर्मी भी जागरूक नहीं कर रहे थे। प्रात: 8.18 बजे-कक्ष 6:- सामान्य बीमारियों के लिए आमतौर पर लोग फिजीशियन को दिखाते हैं। जिला अस्पताल में डॉ. रवि माहेश्वरी की तैनाती है। वह सामान्य रोगों के मरीजों को भी देखते हैं। सवा आठ बजे तक उनके कमरे का ताला नहीं खुला था। जबकि मरीज बाहर खड़े हुए थे।
सीएमएस भी समय से नहीं पहुंचे।
प्रात: 8.20 बजे: – मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुकुंद बंसल भी अपने कार्यालय में निर्धारित समय पर मौजूद नहीं मिले। उनके कार्यालय को तो कर्मचारी ने खोल दिया और साफ-सफाई कर दी, पर आठ बजकर बीस मिनट तक सीएमएस अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे।
प्रात: 8.10 बजे- कक्ष 3 :- अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल अपने कक्ष में मौजूद मिले। उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगा रखा था और मरीजों को देखने से पहले अपने रजिस्टर आदि अलमारी से निकाल रहे थे। वहीं दूसरे डॉ. लाल सिंह इस समय तक नहीं पहुंचे थे।
खुशीराम, लक्ष्मीनगर, यमुनापार ने बताया
जिला अस्पताल में डॉ. रवि माहेश्वरी को दिखाने के लिए सुबह आठ बजे आ गए थे, लेकिन 8.25 बज रहे हैं और डॉक्टर अभी तक नहीं आए हैं। वह इसकी शिकायत करने के लिए सीएमएस के पास गए तो वह भी अपने कमरे में मौजूद नहीं मिले।
डॉ. मुकुंद बंसल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा
डॉक्टर्स सही समय पर जिला अस्पताल में आ जाते हैं। कई बार राउंड लेने में समय लग जाता है। जिसकी वजह से वह समय पर ओपीडी में नहीं पहुंच पाते हैं। कई बार जेल अथवा अन्य वीआईपी ड्यूटी में होने के कारण भी डॉक्टर समय से ओपीडी नहीं ले पाते हैं।
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Author: Vijay Singhal
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