हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर सेवायतों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि मंदिर परिसर में लगातार हो रही उद्घोषणाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ से बढ़ता शोर अब उनकी सुनने की क्षमता पर असर डालने लगा है। इस मुद्दे को लेकर कई सेवायतों ने मंदिर प्रबंधन से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
सेवायतों का कहना है कि मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए लाउडस्पीकरों से बार-बार की जाने वाली घोषणाओं के कारण शोर का स्तर काफी बढ़ गया है। कई बार मंदिर कार्यालय की आवश्यक सूचनाएं भी स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं देतीं। आरोप है कि इस संबंध में पूर्व में भी प्रबंधन समिति के समक्ष बात रखी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सेवायत घनश्याम गोस्वामी और ज्ञानेंद्र गोस्वामी समेत अन्य लोगों ने कहा कि मंदिर में बाल स्वरूप ठाकुर बांकेबिहारी विराजमान हैं। धार्मिक वातावरण की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अनावश्यक शोर को नियंत्रित किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यदि समय रहते ध्वनि प्रदूषण पर ध्यान नहीं दिया गया तो इससे सेवायतों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सेवायतों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और ध्वनि प्रदूषण संबंधी मानकों का हवाला देते हुए मंदिर में ध्वनि स्तर की समीक्षा कराने एवं उद्घोषणाओं की आवृत्ति कम करने की मांग की है।
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Author: Vijay Singhal
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