हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ट्रेनों में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले चार बदमाश जीआरपी के हत्थे चढ़े हैं। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने तमंचा, कारतूस और 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पांच हजार का इनामी बदमाश इरशाद गिरोह बनाकर रेल यात्रियों के सामान को निशाना बना रहा था। गिरोह कोड वर्ड का इस्तेमाल करके चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। गिरोह के सदस्य टिकट लेकर रात के वक्त दिल्ली-आगरा-मथुरा रूट की ट्रेनों में सफर करता थे। इस दौरान मौका मिलते ही रेलयात्रियों के मोबाइल फोन और सामान चुरा लेते थे। पिछले सात दिनों में गिरोह ने चोरी की 16 वारदात को अंजाम देने की बात पुलिस पूछताछ में कबूल की है।
थानाध्यक्ष जीआरपी मथुरा जंक्शन संदीप तोमर ने बताया कि गिरोह के सदस्य कोटा आउटर रेलवे लाइन पर चुराए गए सामान के साथ मौजूद थे। घेराबंदी कर पुलिस टीम ने चारों को दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम इरशाद पुत्र हबीब निवासी सादाबाद, मोनिश पुत्र मोज्जिम निवासी ग्राम कोटला बिजनौर, आरिफ उर्फ कलूचा पुत्र हदीश मलिक निवासी ग्राम साथनी थाना इगलास अलीगढ़, दानिश वाहिद पुत्र अब्दुल वाहिद निवासी सराय रोहिला नार्थ दिल्ली है।
गिरोह को गिरफ्तार करने में एसएसआई कुलबीर सिंह, एसआई अमित कुमार सिंह, एसआई अंकुज कुमार धामा, एसआई दुष्यंत कुमार कौशिक, एचसीपी धर्मेंद्र कुमार तोमर, रविशंकर, सोनवीर, सुरेश कुमार, राहुल कुमार, चालक आशुतोष सिंह, कां. अनुराग शर्मा शामिल रहे।पांच साल से सक्रिय है गिरोह, महंगे मोबाइल फोन पर नजर रहती थी। 19 से 25 साल की उम्र के चारों बदमाश पिछले करीब पांच साल से ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरोह की नजर खासतौर पर महंगे मोबाइल फोन पर रहती थी। मोबाइल चुराने के बाद गिरोह के सदस्य उनके पार्ट्स बेचकर कमाई कर रहे थे। जीआरपी थानाध्यक्ष के अनुसार गिरोह अब तक 100 से ज्यादा वारदात को अंजाम दे चुका है। सरगना इरशाद के खिलाफ दर्ज 12 से ज्यादा मुकदमे है। पुलिस की गिरफ्त में आए इनामी इरशाद के खिलाफ 12 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इरशाद के विरुद्ध मथुरा के अलावा गाजियाबाद, आगरा और हाथरस में मुकदमे दर्ज हैं।
गिरोह को गिरफ्तार करने में एसएसआई कुलबीर सिंह, एसआई अमित कुमार सिंह, एसआई अंकुज कुमार धामा, एसआई दुष्यंत कुमार कौशिक, एचसीपी धर्मेंद्र कुमार तोमर, रविशंकर, सोनवीर, सुरेश कुमार, राहुल कुमार, चालक आशुतोष सिंह, कां. अनुराग शर्मा शामिल रहे।पांच साल से सक्रिय है गिरोह, महंगे मोबाइल फोन पर नजर रहती थी। 19 से 25 साल की उम्र के चारों बदमाश पिछले करीब पांच साल से ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरोह की नजर खासतौर पर महंगे मोबाइल फोन पर रहती थी। मोबाइल चुराने के बाद गिरोह के सदस्य उनके पार्ट्स बेचकर कमाई कर रहे थे। जीआरपी थानाध्यक्ष के अनुसार गिरोह अब तक 100 से ज्यादा वारदात को अंजाम दे चुका है। सरगना इरशाद के खिलाफ दर्ज 12 से ज्यादा मुकदमे है। पुलिस की गिरफ्त में आए इनामी इरशाद के खिलाफ 12 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इरशाद के विरुद्ध मथुरा के अलावा गाजियाबाद, आगरा और हाथरस में मुकदमे दर्ज हैं।
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Author: Vijay Singhal
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