हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में ब्रज की विरासत को सहेजकर रखे संग्रहालय के 55 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। म्यूजियम के स्थापना दिवस पर पांच दिवसीय कार्यक्रम होंगे, जिसमें 30 हजार से ज्यादा प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों का प्रदर्शन होगा। ब्रज की संस्कृति और इतिहास से आने वाली पीढ़ियों को अवगत कराने के लिए रमणरेती मार्ग स्थित वृंदावन शोध संस्थान में 18 मई 1968 को संग्रहालय की स्थापना हुई थी, यहां 700 से 800 वर्ष पूर्व खुदाई में मिलीं पत्थर की मूर्तियां, टेड़ा कोटा, देवालयों में प्रयोग होने वाले उपकरण और प्राचीन सिक्के संग्रहीत हैं। इसके अलावा हस्तनिर्मित कलाकृतियां भी हैं। बौद्ध की मूर्ति के साथ प्राचीन समय में प्रयोग होने वाले वाद्य यंत्र भी हैं। संस्थान के उप निदेशक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि स्थापना दिवस पर पांच दिन तक कार्यक्रम होंगे। विद्वानों द्वारा व्याख्यान होंगे। स्कूल के विद्यार्थियों को बुलाकर संस्कृति और इतिहास से परिचित कराया जाएगा जिससे उनमें जागरूकता आएगी, शोध संस्थान पांडुलिपियों के विषय में जाना जाता है, इसलिए एक दर्जन भाषाओं में लिखी 30 हजार से ज्यादा लिपियों का प्रदर्शन किया जाएगा। बताया कि यहां इतिहास और संस्कृति के विषय में अनवरत शोध होता रहता है। संग्रहालय की क्यूरेटर ममता कुमारी ने लोगों से प्राचीन वस्तुओं को नष्ट न कर संग्रहालय को देने का आह्वान किया है।
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Author: Vijay Singhal
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