हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिला महिला अस्पताल में एचआईवी संक्रमित महिला का प्रसव कराने के बाद संक्रमण की जानकारी ड्यूटी पर आने वाले दूसरे चिकित्सकीय स्टाॅफ से साझा न किए जाने का मामला सामने आया है। एक सप्ताह पहले एचआईवी संक्रमित महिला को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल लाया गया था। चिकित्सक की निगरानी में उसका प्रसव कराया गया। आरोप है कि प्रसव कराने वाले चिकित्सक ने महिला के एचआईवी संक्रमित की जानकारी बाद में ड्यूटी पर आए चिकित्सक को नहीं दी। करीब एक सप्ताह बाद महिला किसी कार्य से अस्पताल के काउंसिलिंग सेंटर पहुंची। यहां ओपीडी में मौजूद चिकित्सक की नजर महिला पर पड़ी तो उन्हें संदेह हुआ। चिकित्सक ने उसके हाथ में मौजूद कागजात देखे तो महिला के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी सामने आई। चिकित्सक को पता चला कि महिला का काफी समय से जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर से उपचार चल रहा है और उसकी काउंसिलिंग भी होती रही है। इसके बाद ओपीडी में मौजूद चिकित्सक ने महिला के उपचार संबंधी फाइल लेकर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल से शिकायत की। सीएमएस के हस्तक्षेप के बाद महिला को उसकी उपचार संबंधी फाइल वापस की गई। प्रसव के बाद जानकारी साझा न करने पर सवाल मामले में यह देखा जा रहा है कि प्रसव के दौरान निर्धारित सावधानियों के साथ संक्रमण संबंधी जानकारी अन्य चिकित्सकीय टीम के साथ क्यों साक्षा नहीं की गई। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार पुर्वानी ने बताया कि महिला के प्रसव से पूर्व सभी नियमों का पालन किया गया था। प्रसव कराने वाले चिकित्सक ने बाद में ड्यूटी पर आए दूसरे चिकित्सक को महिला के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी नहीं दी।
7455095736
महिला अस्पताल के प्रसव कक्ष में एचआईवी संक्रमण का खतरा
