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परम तपस्वी एवं सिद्ध संत थे योगीराज परशुराम दास महाराज : बाबा बलरामदास देवाचार्य महाराज

ByVijay Singhal

Nov 13, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
वृन्दावन।सुनरख रोड़ स्थित रामकृष्ण कुंज में प्रख्यात संत योगीराज परशुराम दास महाराज का 149 वां जयंती महोत्सव एवं तुलसी-शालिग्राम विवाह महोत्सव अत्यंत श्रद्धा व धूमधाम के साथ प्रमुख संतों-विद्वानों एवं धर्माचार्यों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।जिसके अन्तर्गत परिक्रमा मार्ग स्थित सुखधाम आश्रम से शालिग्राम भगवान की भव्य बारात अत्यंत धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ विवाह स्थल तक निकाली गई।साथ ही बैंड-बाजों के बीच मंगल गान गाए गए।इसके अलावा आतिशबाजी व पटाखे चलाए गए।
इस अवसर पर आयोजित संत-विद्वत सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए पीपाद्वाराचार्य जगद्गुरू बाबा बलरामदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि हमारे सदगुरुदेव योगीराज परशुराम दास महाराज परम तपस्वी एवं सिद्ध संत थे।उनका सम्पूर्ण जीवन वैदिक सनातन संस्कृति, संतों एवं परोपकार के लिए समर्पित रहा।वे भले ही आज हमारे बीच न हों, परंतु उनके दिव्य परमाणु आज भी इस आश्रम में विद्यमान हैं और हम सबका कल्याण कर रहे हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं श्रीराम मंदिर के महंत आचार्य रामदेव चतुर्वेदी ने कहा कि संत शिरोमणि योगीराज परशुराम दास महाराज श्रीरामानंदीय संप्रदाय के परम उपासक थे।उन्होंने अपनी साधना के बल पर असंख्य व्यक्तियों को प्रभु भक्ति के मार्ग से जोड़कर उनका कल्याण किया।ऐसे दिव्य संतों का दर्शन सदैव ही मंगलकारी होता है।
प्रख्यात भागवताचार्य डॉ. अच्युत लाल भट्ट एवं ब्रज अकादमी की सचिव साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया ने कहा कि योगीराज परशुराम दास महाराज परम उदारवादी एवं त्यागमूर्ति थे।उनके जीवन में प्रभु का भजन व साधु सेवा ही सर्वोपरि था।ऐसी दिव्य पुण्यात्माएं पृथ्वी पर कभी-कभार ही अवतरित होती हैं।
महोत्सव में महंत जगन्नाथ दास शास्त्री महाराज, अखंडानंद आश्रम के पुस्तकालयाध्यक्ष संत सेवानंद ब्रह्मचारी, महन्त जयराम दास महाराज, महन्त सनत कुमार दास महाराज, महंत शिवदत्त प्रपन्नाचार्य महाराज, महन्त श्याम दास महाराज, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, महंत लाड़िली दास, कोतवाल गंगानंद महाराज आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।संचालन डॉ. रमेश चंद्राचार्य विधिशास्त्री महाराज ने किया।महोत्सव के अंतर्गत बाबा बलराम दास देवाचार्य महाराज ने सभी आगंतुक संतों, महन्तों व विद्वानों का पटुका ओढ़ाकर, प्रसाद और दक्षिणा आदि देकर सम्मान किया।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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