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नामचीन कॉलोनी पर नौ करोड़ का बकाया, आखिर कब होगी कार्यवाही

ByVijay Singhal

Dec 26, 2024
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विकास प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी कर की जा रही है खानापूर्ति, नहीं हो रही वसूली

हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल

मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण द्वारा विकास शुल्क के रूप में निर्धारित किया गया था करीबन 11 करोड़ रुपये
करीब 15 साल पहले टाउनशिप को मिली थी स्वीकृति, अभी तक सम्पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नही हुआ। उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम के नियमों के उल्लंघन पर मानचित्र रदद् होने का प्रावधान है मथुरा में नामीगिरामी जमीनी कारोबार के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त शहर की एक रियल एस्टेट कम्पनी जो गत कई दशकों में जनपद में करीबन एक दर्जन से भी अधिक आवासीय योजनाएं विकसित कर एक अनूठी पहचान बना चुकी है, जिन्हें पॉश आवासीय योजनाओं के रूप में पहचान बनाई हुई है जिनमें आवासीय भवनों की खरीद में समाज के अधिकांश शहर के प्रतिष्ठित व रसूखदार लोगों ने ही पहली पसंद के रूप में अपना आवास बनाने के साथ ही निवेश किया गया है, उसी प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कम्पनी द्वारा करीबन 15 वर्ष पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग पर विकसित एक बड़ी आवासीय योजना पर मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण का कई करोड़ रुपये की बकाया राशि को लेकर लम्बे समय से विवाद चल रहा है, हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित नामीगिरामी टाउनशिप पर एमवीडीए की बकाया मोटी राजस्व राशि को लेकर विप्रा द्वारा इस रीयल एस्टेट कम्पनी के मालिकानों को तमाम बार नोटिस जारी किये जाते रहे हैं लेकिन इस टाउनशिप पर विप्रा की बकाया धनराशि अभी तक जमा नही हो सकी है जिसके चलते इस टाउनशिप की मानचित्र स्वीकृति को भी रद्द किए जाने की सम्भावना जाहिर की जा रही है। विगत दो दशकों से रियल एस्टेट क्षेत्र में अनूठी पहचान बना चुकी जनपद की श्री ग्रुप (एस0जे0पी0 ग्लोबल प्रा0 लि0) द्वारा करीब एक दर्जन से भी अधिक पॉश कालोनियों को विकसित कर समाज के प्रतिष्ठित लोगों को एवन क्लास आवासों को आवंटित कर अपनी अनूठी पहचान बना ली है, उसी नामीगिरामी रियल एस्टेट कंपनी श्री ग्रुप द्वारा करीब एक दशक पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर स्थित मौजा कोटा एवं गोविंदपुर ग्रामों में लगभग एक सैंकड़ा से भी अधिक एकड़ भूमि (क्षेत्रफल) पर श्री राधा वैली आवासीय योजना के नाम से एक बड़ी टाउनशिप के रूप में विकसित की गई जिसका मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2010 में तलपट और ग्रुप हाउसिंग योजना के अंतर्गत  मानचित्र संख्या 07/M/2010-11 एवं संशोधित मानचित्र संख्या 18/M/2010-11 स्वीकृत कराया गया, विकास प्राधिकरण द्वारा मानचित्र स्वीकृति हेतु ब्राह्य विकास शुल्क व आंतरिक विकास शुल्क आदि के रूप में लगभग ग्यारह करोड़ से अधिक शुल्क निर्धारित किया गया जिसको लगभग एक करोड़ छहत्तर लाख रुपये के हिसाब से कुल छह छमाही किस्तें मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के खाते में जमा किया जाना रियल एस्टेट कम्पनी द्वारा तय की गई थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर श्री ग्रुप द्वारा करीबन एक सैंकड़ा एकड़ जमीन पर विकसित गई श्री राधा वैली आवासीय योजना (टाउनशिप) पर मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण का लगभग नौ करोड़ से भी अधिक बकाया धनराशि के भुगतान को जमा करने के लिये लगातार कईं बार नोटिस जारी किए जाने के पश्चात भी कम्पनी मालिकान द्वारा उपरोक्त बकाया राजस्व/धनराशि के मामले को गम्भीरता से नही लिया जा रहा है, बताया जा रहा है कि उक्त आवासीय योजना श्री राधा वेली पर विप्रा की बकाया धनराशि को जल्द जमा नही कराये जाने की स्थिति में प्राधिकरण द्वारा उक्त आवासीय योजना के मानचित्र संख्या 07/M/2010-11 एवं 18/M/2010-11 को निरस्तीकरण की कार्यवाही भी अमलिकरण में लायी जा सकती है यदि मानचित्र की स्वीकृति को विप्रा द्वारा निरस्त किया जाता है तो ऐसी स्थिति में उक्त आवासीय योजना के भवनों की रजिट्रियाँ (बैनामे) और कब्जे शून्य होने के साथ ही उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम 1973 में उल्लिखित नियमों के मुताबिक इस योजना को अवैध निर्माण की श्रेणी में भी दर्ज किया जा सकता है, यह जनपद के रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े समुदाय के लिए बड़ी खबर हो सकती है। गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम 1973 की धारा 14 व धारा 15 के प्रावधान के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य करने से पहले सम्बंधित विकास प्राधिकरण से मानचित्र को स्वीकृति कराया जाना और निर्धारित समय सीमा में निर्माण कार्य को पूर्ण कर सम्पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कराया जाना अनिवार्य है, वहीं सम्पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होने से पूर्व सम्बंधित भूखण्ड/निर्माण यानी उक्त योजना को अध्यासित यानि कि उक्त स्थल को किसी भी रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता है और ना ही उक्त भूखण्ड/स्थल की खरीद फरोख्त किया जा सकता है व ना ही कहीं भी रहन यानी गिरवी आदि रखा जाना प्रतिबंधित रहना प्रावधानित है जबकि उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम 1973 के प्रावधान के बावजूद बिना सम्पूर्णता प्रमाण पत्र जारी हुए ही राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित उक्त श्री राधा वेली नामक बड़ी टाउनशिप में कई सैंकड़ों की संख्या निर्मित आवासों में बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं जोकि सम्बंधित रीयल एस्टेट कम्पनी के साथ ही जिम्मेदारान एथॉरिटी मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के आला अधिकारियों की निगहबानी के साथ ही उनकी कार्यशैली व कारगुजारियों की ओर इशारा करती है ।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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