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व्रन्दावन में वैध ई-रिक्शा व ऑटो की भरमार पंजीकृत वाहन चालक हैं लाचार

ByVijay Singhal

Jun 25, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र पर जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। पुलिस-प्रशासन की अनदेखी से अवैध ई-रिक्शा और ऑटो के कारण यातायात बाधित हो रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र वृंदावन में जाम भी बड़ी समस्या है, जिसे लेकर पुलिस-प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा। यातायात को पटरी पर लाने के लिये ई-रिक्शाओं और ऑटो के पंजीकरण कर उन पर क्यूआर कोड और किराया चस्पा करके रूट निर्धारित किये गये, लेकिन यातायात पुलिस के संरक्षण में अवैध ई-रिक्शा और ऑटो दौड़ रहे हैं जिनकी संख्या करीब 1500 बताई गई है। इन अवैध ई-रिक्शाओं और ऑटो के कारण जाम की समस्या पैदा हो रही है, जबकि पंजीकृत ई-रिक्शा और ऑटो चालक पुलिस की ज़्यादती का शिकार हो रहे हैं। आरोप है कि अवैध ई-रिक्शा और ऑटो चालक ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की जेब गर्म करके नो एंट्री में जाते हैं।
पंजीकृत ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा जब विरोध किया जाता है तो पुलिसकर्मियों द्वारा उनको चालान काटने की धमकी दी जाती है। बता दें कि मंदिरों की नगरी में ई-रिक्शाओं और ऑटो की भरमार हो जाने के बाद ई-रिक्शाओं की संख्या निर्धारित करते हुए रूट तय किये गये। पंजीकृत रिक्शाओं पर क्यूआर कोड के साथ रूट और किराया चस्पा करने की यह व्यवस्था सबसे पहले वृंदावन से शुरू हुई। जब इसके सुखद परिणाम आते दिखे तो प्रदेश सरकार ने लखनऊ, अलीगढ़ बरेली समेत विभिन्न शहरों में भी इस व्यवस्था को लागू किया। ये है किराया: जिला प्रशासन ने समिति के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन से वृंदावन तक प्रति सवारी 60 रुपए तथा वृंदावन के अंदर न्यूनतम 10 और अधिकतम 20 रुपए प्रति सवारी किराया निर्धारित किया गया है। ऑटो में छह और ई-रिक्शा में अधिकतम पांच सवारी की अनुमति है। समिति में पंजीकरण को चाहिए ये कागज ई-वाहन संचालन समिति (रजि.) का कार्यालय मांट-वृंदावन रोड स्थित उप मंडी स्थल में बनाया गया है। समिति में ई-ऑटो और ई-रिक्शा पंजीयन के लिये चालक का आधार कार्ड, वाहन पंजीकरण कागज, बीमा, वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र, चालक का लाइसेंस अनिवार्य है। ई-रिक्शा के पंजीयन के लिये वृंदावनवासी को प्राथमिकता है। ये दर्द बड़ा गहरा है बगैर पंजीकरण ई- रिक्शाओं और ऑटो के कारण उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। पुलिसकर्मियों को इस बारे में कहते हैं तो वह सुनवाई न कर उल्टा हमारे ही चालान काटने की धमकी देती है। -अनिल कुमार हम लोगों द्वारा पंजीकरण के लिये जरूरी सभी दस्तावेज दिये गये, पंजीकरण धनराशि जमा कराई गई, लेकिन हमसे ज्यादा लाभ गैर पंजीकृत वाहन उठा रहे हैं। इन पर नकेल कसी जानी चाहिए। -जितेंद्र कश्यप जाम के पीछे अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा और ऑटो जिम्मेदार हैं। इनका न कोई रूट है और न कोई किराया फिक्स है। पुलिस-प्रशासन की शह पर इनकी मनमर्जी जारी है। इनके लिए कोई नियम माने नहीं रखते हैं। -राजेंद्र रूट वाले वाहन लाइन में खड़े रहते हैं, जबकि अवैध वाहन सड़क पर खड़े होते हैं। इस कारण सवारियां उनके वाहन से चली जाती हैं। पुलिसकर्मी इनके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं करते हैं। -जवाहर सिंह समिति में पंजीकृत ई- रिक्शा और ऑटो यातायात नियमों का पालन करते हुए चलते हैं। समस्या गैर पंजीकृत वाहनों से है, जिनके कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। पुलिस इन्हें संरक्षण देती है। -कौशल अवैध रिक्शाओं और ऑटो का संचालन बंद कर दिया जाए तो जाम की समस्या कम हो जाएगी। पंजीकृत रिक्शा निर्धारित रूट पर नियमानुसार चल रहे हैं, जबकि अवैध ई- रिक्शा और ऑटो व्यवस्था भंग कर रहे हैं। हेमंत दीक्षित अवैध ई-रिक्शाओं और ऑटो के विरोध में कई बार समिति द्वारा अधिकारियों से कहा गया, प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन अनदेखी की जा रही है। प्रशासन को अवैध रिक्शाओं पर सख़्ती बरतनी चाहिए। -ब्रजेश चौहान अवैध रिक्शाओं और ऑटो का संचालन बंद कर दिया जाए तो जाम की समस्या कम हो जाएगी। पंजीकृत रिक्शा निर्धारित रूट पर नियमानुसार चल रहे हैं, जबकि अवैध ई- रिक्शा और ऑटो व्यवस्था भंग कर रहे हैं।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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