हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वर्ष 2025 में होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और नकलविहीन कराने के लिए यूपी बोर्ड जिला स्तर से परिषद की वेबसाइट पर अपलोड विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं का भौतिक सत्यापन करेगा। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की टीम जल्द ही विद्यालयों में व्यवस्थाओं को परखने आएगी। टीम परीक्षा केंद्र बनने वाले स्कूलों में सुविधाएं एवं भौतिक संसाधन संबंधी बोर्ड को डीआईओएस के माध्यम से दी गई जानकारी का मिलान करेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र कुमार ने बताया कि शासनादेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों का निर्धारण कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया से किया जाना है। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह के निर्देश के अनुसार विद्यालयों की आधारभूत सूचनाएं परिषद की वेबसाइट पर स्कूलों के प्रधानाचार्य द्वारा अपलोड कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि अब क्षेत्रीय कार्यालय से क्षेत्र सचिव, उपसचिव और सहायक सचिव जिले में स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे। जिले में रैंडम रूप से 10 विद्यालयों का सत्यापन किया जाना है। आधारभूत सूचनाओं यानी पेयजल, चहारदीवारी, फर्नीचर की व्यवस्था की साथ ही सीसीटीवी, वॉइस रिकॉर्डर, राउटर डीवीआर और हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन की गतिशील होने का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा डबल लॉक अलमारी का प्रधानाचार्य कक्ष से अलग कक्ष में होने का भी सत्यापन किया जाएगा। किसी भी तरह की कमी मिलने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य को नोटिस दिया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यालय अधिकारी उसे ठीक कराएंगे। मानक पर खरे उतरने वाले स्कूल ही परीक्षा केंद्र बनेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र कुमार ने बताया कि शासनादेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों का निर्धारण कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया से किया जाना है। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह के निर्देश के अनुसार विद्यालयों की आधारभूत सूचनाएं परिषद की वेबसाइट पर स्कूलों के प्रधानाचार्य द्वारा अपलोड कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि अब क्षेत्रीय कार्यालय से क्षेत्र सचिव, उपसचिव और सहायक सचिव जिले में स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे। जिले में रैंडम रूप से 10 विद्यालयों का सत्यापन किया जाना है। आधारभूत सूचनाओं यानी पेयजल, चहारदीवारी, फर्नीचर की व्यवस्था की साथ ही सीसीटीवी, वॉइस रिकॉर्डर, राउटर डीवीआर और हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन की गतिशील होने का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा डबल लॉक अलमारी का प्रधानाचार्य कक्ष से अलग कक्ष में होने का भी सत्यापन किया जाएगा। किसी भी तरह की कमी मिलने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य को नोटिस दिया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यालय अधिकारी उसे ठीक कराएंगे। मानक पर खरे उतरने वाले स्कूल ही परीक्षा केंद्र बनेंगे।
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Author: Vijay Singhal
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