हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कान्हा की नगरी में वाहनों का पार्किंग शुल्क महंगा हो जाएगा। अब तक प्रतिदिन के हिसाब से पार्किंग शुल्क लगता था, अब घंटों के हिसाब से वसूला जाएगा। नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए ऐसा करने जा रही है।बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव पास होने के बाद नगर निगम की नियमावली में संशोधन किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही इस संबंध में गजट जारी किया जाएगा। इस पर आने वाली आपत्तियों का निस्तारण होगा और फिर अंतिम गजट जारी कर दिया जाएगा। नगर निगम में आय से अधिक खर्चा है। ऐसे में नगर आयुक्त शशांक चौधरी नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने की ओर काम कर रहे हैं। नगर निगम अपनी पार्किंग तैयार करा रही है, साथ ही गोशाला, कूड़ा से खाद बनाने के प्लांट लगा रही है। इससे नगर निगम की आय में वृद्धि भी हो रही है। नगर निगम ने अब पार्किंग शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले 50 वाहनों की पार्किंग से 20 हजार रुपये, 51 से 100 वाहनाें की पार्किंगों से 35 हजार रुपये,100 से 200 वाहनों की पार्किंग से 50 हजार रुपये, 200 से अधिक वाहन खड़ा करने की क्षमता वाले पार्किंग स्थल से एक लाख रुपये प्रतिवर्ष शुल्क लेती है। बीते दिनों बोर्ड की बैठक में निजी पार्किंग के लिए निर्धारित प्रतिवर्ष के शुल्क में भी वृद्धि संबंधी प्रस्ताव पास हो गया है।अब तक ट्रक, बस, मिनी बस, मेटाडोर, कैंटर से पार्किंग शुल्क 100 रुपये, कार, जीप, टैक्सी, सूमो आदि से 50 रुपये, टेंपो, थ्रीव्हीलर, ई रिक्शा से 30 रुपये, बाइक, स्कूटर से 10 रुपये और साइकिल से दो रुपये प्रतिदिन शुल्क लगता था। अब ये घंटे के हिसाब से लिया जाएगा। भारी वाहनों से पहले एक घंटे के 100 रुपये, चार घंटे के 200 रुपये और इसके बाद अतिरिक्त दो घंटे के 40 रुपये की दर से अतिरिक्त लिए जाएंगे। इसी तरह कार, जीप, टैक्सी, सूमो आदि से पहले एक घंटे के 30 रुपये, चार घंटे के 100 रुपये और 20 रुपये प्रति दो घंटे के अतिरिक्त लिए जाएंगे। इसी तरह टेंपो, थ्रीव्हीलर, ई रिक्शा से पहले एक घंटे के 20 रुपये, चार घंटे के 50 रुपये, प्रति दो घंटे के अतिरिक्त 10 रुपये लिए जाएंगे। इसी तरह बाइक, स्कूटर, साइकिल आदि से पार्किंग शुल्क लिया जाएगा। अनिल कुमार, अपर नगर आयुक्त ने कहा बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद पार्किंग उपविधि 2019-20 में संशोधन किया जाएगा। इसका गजट प्रकाशित होगा। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद नई दरें लागू हो जाएंगी।
