हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मैडम, मेरी मां जिंदा है, लेकिन अधिकारी मानने को तैयार नहीं हैं। यह कहना है तहसील मांट के सुरीरकलां निवासी दिनेश सोलंकी का। दिनेश सोलंकी ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान के सामने पेश होकर अपनी मां के जिंदा होने के सबूत पेश किए। दिनेश सोलंकी ने कहा कि उनके पिता निद्धा ने अपने जीवनकाल में ही खानदानी भाईयों से परेशान होकर अपनी चल-अचल संपत्ति की वसीयत 18 मार्च 1975 को अपनी पत्नी विद्यादेवी के नाम कर दी। आरोप है कि 1997 में उनके खानदानी भाईयों ने विद्या देवी को मृत दर्शाते हुए सारी संपत्ती को अपने नाम करा लिया। ताज्जुब की बात है कि विद्यादेवी अपने जीवित होने का प्रमाण प्रशासन से लेकर पुलिस को कई बार दे चुकी हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें जिंदा मानने को तैयार ही नहीं। मंगलवार को विद्यादेवी के पुत्र दिनेश सोलंकी ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के सामने जब मां के जिंदा होने संबंधी कागजात प्रस्तुत किए तो अध्यक्ष भी दंग रह गईं। उन्होंने तत्काल मांट एसडीएम से मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। मंगलवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के सामने कई मामले आए, जिनमें उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने महिला जनसुनवाई के दौरान लगभग 25 पीड़ित महिलाओं ने स्वयं उपस्थित होकर अपनी समस्यायें रखी, जिसमें घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, दहेज प्रथा, प्रोपर्टी विवाद, गुमशुदा बालिका आदि के शिकायतें मिली। अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने सभी शिकायतों में सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक-से-अधिक महिलाों को दिये जाने के भी दिशा निर्देश दिये गये। इस दौरान महिला जनसुनवाई / समीक्षा बैठक अपर पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा), जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, महिला थाना, जिला जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कल्याण अधिकारी, प्रधानाचार्य, राजकीय प्रौद्योगिक संस्थान, वृन्दावन, वन स्टाप सेन्टर यूनिट प्रथम/द्वितीय, जिला बाल संरक्षण इकाई के साथ जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चन्द्र मौजूद थे।
