• Mon. May 25th, 2026

राधाकृष्ण के अनन्य उपासक थे स्वामी कपिलानंद

ByVijay Singhal

Dec 9, 2024
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छटीकरा रोड स्थित कपिल कुटीर सांख्य योग आश्रम में चल रहे ब्रह्मलीन स्वामी कपिलानंद महाराज के त्रिदिवसीय तिरोभाव महोत्सव के दूसरे दिन स्वामी कपिलानंद महाराज की प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक कर वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य उनका पूजन-अर्चन किया गया। महामंडलेश्वर साध्वी राधिका साधिका पुरी जटा वाली मां ने कहा कि हमारे सदगुरुदेव स्वामी कपिलानंद ने ही कपिल कुटीर सांख्य योग आश्रम की स्थापना की थी। वे ब्रज वृंदावन और राधाकृष्ण के अनन्य उपासक थे।उन्होंने श्रीकृष्ण भक्ति की लहर को समूचे देश में प्रवाहित कर असंख्य व्यक्तियों का कल्याण किया। महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. आदित्यानंद महाराज एवं स्वामी भुवनानंद महाराज ने कहा कि श्रीधाम वृंदावन संतों व प्रभु भक्तों की भूमि है। इस भूमि पर तमाम ऐसे संत विराजमान हैं,जो अपने तपोबल व साधना की शक्ति से असंख्य व्यक्तियों का कल्याण करते हैं। स्वामी कपिलानंद महाराज ऐसे ही दिव्य संत थे, जिन्होंने कठोर भगवद साधना के बल पर श्रीराधाकृष्ण का प्रत्यक्ष दर्शन किया था। देवी सिंह कुंतल एवं रामदेव सिंह भगौर ने कहा कि स्वामी कपिलानंद संत समाज के सिरमौर थे। उनके रोम-रोम में संतत्व विद्यमान था। डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं साध्वी आशानंद शास्त्री ने कहा कि स्वामी कपिलानंद परम् भजनानंदी व वीतरागी संत थे। इस अवसर पर महंत बाबा संतदास महाराज, साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया, स्वामी गीतानंद महाराज, अनिल अग्रवाल, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, पुरुषोत्तम गौतम, पप्पू सरदार, पूनम उपाध्याय, बी.के. सूतैल, सुमन सूतैल, पवन गौतम, राम प्रकाश सक्सैना, विनय लक्ष्मी सक्सैना, लक्ष्मी शर्मा, साध्वी पूर्णिमा साधिका, साध्वी विभावती साधिका, साध्वी कमला साधिका, साध्वी नमिता साधिका, राजकुमार शर्मा एवं राजू शर्मा आदि उपस्थित थे।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.