हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना में तीर्थ नगरी बरसाना स्थित ब्रह्मांचल पर्वत की शिखर पर विराजमान लाडली जी मंदिर के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना का काम चीन से उपकरणों के इंतजार में फिलहाल कई दिन से रुका हुआ है। इस परियोजना को बीते दिसंबर में पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन अब तक न तो ट्रॉलियां आईं हैं और न ही वायर। इनके आने के बाद ही परियोजना के गति पकड़ने की संभावना है। कछुआ गति से चल रही यह परियोजना कदम-कदम पर उलझी रही है। कभी जमीन का हस्तांतरण तो कभी पेड़ काटने की अनुमति ने इस परियोजना को लटकाए रखा। अब चीन से मंगाए जा रहा सामान के अभाव में देरी हो रही है। भक्तों को करीब 251 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर तक जाना होता है। बुजुर्ग और बच्चों के लिए मंदिर की यह चढ़ाई बेहद कठिन रहती है। पहले यहां पालकी की व्यवस्था थी, जो अब बंद हैं। ऐसे में रोप-वे की योजना बनाई गई। बरसाना में रोपवे का दायित्व प्रदेश सरकार ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को सौंपा। मंदिर के निकट जमीन और बीच में आ रहे पेड़ हटाने में लंबा वक्त लगा। वन विभाग से जमीन भी खरीदी गई। इस पर करीब तीन करोड़ रुपये विकास प्राधिकरण ने खर्च किए। रोपवे बनाने और उसके संचालन का दायित्व राधारानी रोप-वे प्रा.लि के साथ एक अन्य कंपनी को सौंपा गया, जो प्रोजेक्ट पर करीब 15.5 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। रोपवे 216 मीटर लंबा है और ऊंचाई 157 फीट है। यहां छह ट्रॉली का संचालन होगा। प्रत्येक ट्रॉली में छह लोगों को बैठने की सुविधा मिलेगी। बरसाना में राधारानी मंदिर के दर्शन के लिए जाने वाले भक्त रोपवे के माध्यम से सीधे मंदिर के निकट पहुंच सकेंगे। संबंधित कंपनी के साथ प्राधिकरण ने 25 साल तक संचालन का अनुबंध किया है। फिलहाल 70 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। रोप- वे के संचालन के लिए वायर और उस पर चलने वाली ट्रॉली लगना बाकी है। चीन से इनके आते ही काम शुरू हो जाएगा।
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