हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अब अधिवक्ता समाज पर जानलेवा हमले आम हो गए हैं, देशभर से आए दिन ऐसी खबरें आती रहती है। *शासन और प्रशासन मुकदर्शी बना हुआ है।* इसी क्रम में युवा अधिवक्ता अनुभव पचोरी जी अपनी फैमिली के साथ जवाहर बाग घूमने आए थे। बाइक पर जब वापस लौट रहे थे तो वेगनर गाड़ी ने जान से मारने की नीयत से खिड़की खोल के साइड से टक्कर मार दी तथा वह गिर पड़े अपनी परिवार सहित जो उन्होंने गाड़ी वाले को पकड़ा तो उसने कहा आज तो बच गया लेकिन तुझे आगे नहीं छोड़ेंगे बहुत ही गंभीर स्थिति है।अधिवक्ताओं के समाज/समुदाय को न्याय दिलाने वाले अधिवक्ता समाज में सुरक्षित नहीं है। आए दिन घटनाएं होती रहती हैं। एडवोकेट अनुभव पचौरी जी के द्वारा थाने में तहरीर मुकदमा दर्ज कराने के लिए दे दी गई है। मेरी थाना अध्यक्ष से रात को बात हुई है, छोटे लाल जी से उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज कर लेंगे। अब एक मुद्दे की बात पर आऊंगा चुनाव के दौरान एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग हम रखते हैं। चाहे वह बार एसोसिएशन का चुनाव हो या उत्तर प्रदेश बार काउंसिल का चुनाव हो, यह मांग तभी उठती हैं चुनाव के बाद हम सब शांत हो जाते हैं। आखिर क्यों क्या यह राजनीतिक मुद्दा है या असल जिंदगी में अधिवक्ताओं को इसकी जरूरत नहीं है। अगर जरूरत है तो यह मांग लगातार उठती रहनी चाहिए और जब तक आंदोलन होना चाहिए तब तक यह एक्ट लागू नहीं हो जाता आप सभी के सुझाव अधिवक्ताओं के हित में मैं जानना चाहता हूं कृपया करके अपने-अपने सुझाव जरूर दें।
