हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जमुनापार और गोविंद नगर थाना पुलिस की लापरवाह कार्यशैली के कारण एक परिवार को उसके मुखिया का आखिरी बार चेहरा तक देखने नसीब न हो सका। यमुना में मिले अज्ञात की शिनाख्त में खानापूर्ति की कर 72 घंटे पूरे होने पर पोस्टमार्टम कराकर सेवार्थ संस्थान से शव का अंतिम संस्कार करा दिया। मंगलवार को पीड़ित परिवार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा और पत्रावली खंगाली तो परिवार की मुखिया की मौत का एक साल पुराना राज उजागर हुआ।
कुसुम वाटिका, गोविंद नगर निवासी 42 वर्षीय संदीप कुमार अग्रवाल 26 अगस्त 2022 की सुबह बाजार गए थे, लेकिन लौटकर नहीं आए। उनकी घीया मंडी में कपड़े की दुकान है। परिवार ने दुकान से लेकर पूरे बाजार, रिश्तेदारी आदि स्थानों पर तलाश की, लेकिन सुराग नहीं लगा। इसी दिन रात को गोविंद नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच 28 अगस्त 2022 को जमुनापार पुलिस को यमुना में पुल के पास एक शव मिला। पुलिस ने शव को अज्ञात में दर्ज कर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराते हुए शव अंतिम संस्कार को सेवार्थ संस्थान को सौंप दिया। इस पूरे वाकये से उनके परिजन एक साल तक अनजान रहे। मंगलवार को संदीप अग्रवाल का भतीजा आकाश अग्रवाल पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। सेवार्थ संस्थान के श्यामवीर ठाकुर की मदद से उन्होंने अगस्त 2022 से लेकर सितंबर 2022 तक मिले अज्ञात शवों का विवरण देखा। इसमें 28 अगस्त को जमुनापार पुलिस को यमुना में मिले शव की फोटो के आधार पर शिनाख्त अपने चाचा संदीप कुमार अग्रवाल के तौर पर की। जमुनापार पुलिस ने शिनाख्त और गोविंद नगर पुलिस ने तलाश में बरती लापरवाही इस एक प्रकरण में दो थानों की पुलिस की लापरवाही रही। आकाश अग्रवाल ने कहा कि अगर गोविंद नगर पुलिस गंभीरता से तलाश के प्रयास करती तो परिवार को शव का चेहरा देखने को मिल सकता था, वहीं, जमुनापार पुलिस ने भी शिनाख्त के लिए ठोस कदम उठाए होते उन्हें दर-दर भटकना नहीं पड़ता। हादसा या हत्या: आकाश ने बताया कि चाचा संदीप के दो बेटे हैं। दोनों पढ़ाई करने के साथ ही कपड़े की दुकान भी संभालते हैं। चाची सीमा अग्रवाल एक साल से अपने पति की लौटने की राह देख रहीं थीं। गोविंद नगर पुलिस से तलाश की गुहार लगाई तो स बार-बार टरकाती रही। उन्होंने कहा कि चाचा की मौत हादसा है या हत्या अब कम से कम पुलिस इस बात की तो जांच करे। मार्तंड प्रताप सिंह, एसपी सिटी
ने कहा सभी थानाध्यक्षों को सख्त आदेश हैं कि अज्ञात शवों की शिनाख्त और गुमशुदा लोगों की तलाश में गंभीरता बरतें। इस प्रकरण में लापरवाही कैसे हुई, इसकी जांच कराई जाएगी। परिवार को हत्या को लेकर शक है तो वह तहरीर दें, आवश्यक जांच कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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