हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा । सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। इस याचिका में मथुरा के पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील ‘ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन’ में 454 पवित्र वृक्षों की अवैध कटाई और ₹500 करोड़ से अधिक के धोखाधड़ीपूर्ण भूमि लेन-देन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी, ने दलील दी है कि यह अवैध गतिविधियां न केवल वन संरक्षण अधिनियम 1980 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 जैसे पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन करती हैं बल्कि वृंदावन की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का भी अपमान करती हैं। वृंदावन में इन वृक्षों को दिव्य रूप में पूजनीय माना जाता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि “गुरुकृपा तपोवन कॉलोनी” नामक परियोजना के अंतर्गत धोखाधड़ीपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। इनमें अवैध “कच्ची पर्चियों” के माध्यम से ₹500 करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ है। याचिकाकर्ता ने इन वित्तीय अनियमितताओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने और पूरे क्षेत्र में सभी अवैध निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), 21 (जीवन और पर्यावरण का अधिकार), और 25 (धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन को उजागर करते हुए तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। यह मामला न केवल पर्यावरणीय संरक्षण बल्कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर की रक्षा के लिए एक महत्त्वपूर्ण दृष्टांत स्थापित कर सकता है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
