हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में अक्षय तृतीया के दिन ठाकुर बांकेबिहारी समेत सभी मंदिरों में ठाकुरजी चंदन लेपन कर भक्तों को सर्वांग दर्शन देंगे। ऐसे में सेवायतों ने चंदन घिसकर तैयारी शुरू कर दी है। राधादामोदर मंदिर में अक्षय तृतीया की तैयारी में जुटे सेवायतों ने चंदन घिसकर तैयार करना शुरू कर दिया है। ताकि अक्षय तृतीया के दिन ठाकुरजी के श्रीविग्रह पर चंदन लेपन कर भक्तों को सर्वांग दर्शन करवाए जा सकें। सप्त देवालयों में प्रमुख ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में अक्षय तृतीया पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर सेवायत आचार्य कृष्ण बलराम गोस्वामी ने बताया चंदन श्रृंगार की परंपरा करीब 500 वर्ष पुरानी है। जब गौड़ीय संप्रदाय के माधवेंद्र पुरी पाद गोवर्धन के जतीपुरा में रहकर श्रीनाथजी की सेवा पूजा करते थे। उनको श्रीनाथजी ने स्वप्न देकर कहा कि पेट की गर्मी तो मेरी छप्पन भोग के सेवन से समाप्त हो जाती है। लेकिन, शरीर का ताप में किस तरीके से कम करूं। तुम मलयागिरी जाकर मेरे लिए चंदन लेकर आओ और मेरा चंदन से श्रृंगार करो। रास्ते में उड़ीसा में स्थित ठाकुर खीरचौरा गोपीनाथ के दर्शन करने बाद वह चंदन लेकर लौट रहे थे। तो उनसे ठाकुर खीरचौरा गोपीनाथ ने कहा तुम मेरा मेरा चंदन से श्रृंगार करो ठाकुर श्रीनाथजी स्वयं प्रसन्न हो जाएंगे। तो माधवेंद्रपुरी महाराज ने उनका श्रृंगार किया। तभी से परंपरा चली आ रही है। यही कारण है उड़ीसा में चंदन यात्रा 21 दिनों तक मनाई जाती है। सेवायत आचार्य पूर्ण चंद्र गोस्वामी ने कहा इसके लिए दक्षिण भारत से उच्च कोटि का चंदन मंगवाया है। जिसे प्रतिदिन घिसकर लेप तैयार कर रहे हैं। इस लेप विभिन्न जड़ी बूटियों का मिश्रण कर अक्षय तृतीया पर ठाकुरजी का चंदन श्रृंगार दर्शन होगा। उस दिन ठाकुरजी को कोई भी वस्त्र धारण नहीं कराए जाते हैं। सेवायत करुण गोस्वामी ने कहा ठाकुर राधा दामोदर लाल के सर्वांग दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
