हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र की पुरानी आबादी में 20 हजार से अधिक मकान ढूंढें नहीं मिल रहे हैं। ऑनलाइन टेक्स वसूली की प्रक्रिया में इन मकानों का पुराना रिकाॅर्ड और वर्तमान पता मेल नहीं खा रहा है। ऐसे में इन मकानों का टैक्स निर्धारण भी उलझ गया है।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम अब ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा प्रदान कर रहा है। इसके लिए फिलहाल मथुरा-वृंदावन की पुरानी आबादी को ही शामिल किया है। इसमें करीब एक लाख गृह स्वामी लाभान्वित हो रहे हैं। इनकी सम्पत्ति का पूरा डाटा ऑनलाइन किया गया है, जिसके आधार पर कोई भी व्यक्ति अपनी सम्पत्ति पर हाउस टैक्स, वाटर टैक्स जमा कर सकता है। इस प्रक्रिया में 20 हजार ऐसे मकान सामने आए हैं, जिनका रिकॉर्ड तो हैं लेकिन पता स्पष्ट नहीं है। इससे इन पर निर्धारित किए गए टैक्स का बिल भी उन तक नहीं पहुंच रहा है। इन 20 हजार मकानों को ढूंढने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ये नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते टैक्स निर्धारण के बाद उसे जमा करने की प्रक्रिया उलझ गई है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम ने बताया कि 20 हजार मकानों के मौजूदा पते मिलान करने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान कोई व्यक्ति खुद ही टैक्स जमा करने आ जाता है तो उसका पता रिकाॅर्ड में दर्ज किया जा रहा है।
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Author: Vijay Singhal
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