हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल ने
मथुरा। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, संकल्प जनपद न्यायाधीश, मूर्तः श्री आशीष गर्ग के निर्देशानुसार आज दिनांक 09.05.2023 को जिला कारागार, विशेष रूप से सतर्कता सतर्कता श्रीमती नीरू शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्णय लिया गया गया। इस मौके पर जिला कारागार मुथ की उप जेलर सुश्री करुणेश कुमारी व श्री अनूप कुमार, बंदी पराविधिक स्वयंसेवकगण आदि उपस्थित रहे। जिला करागार मुथरा में आज अवलोकन के दौरान कुल 1570 बंधन निरूद्ध होना पाया गया। जिला कारागार पाकशाला का निरीक्षण पाकशाला में बंदियों द्वारा प्रात: काल का भोजन तैयार किया जा रहा था, जिसमें रोटी, उर्द की दाल और पालक की सब्जी बनाना पाया गया। सचिव महाजन द्वारा जेल में निरुद्ध बंदियों को रिहा किए जाने के लिए ‘बैरक टू बैरक’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके तहत सचिव महोदय द्वारा जेल परिसर में बनी बैरक संख्या 12,13 व 14 की राय ली गई जिसमें निरुद्ध बंदियों से उनके प्रकरण एवं जमानत शामिल हैं स्थिति के संदर्भ में व्यक्तिगत बातचीत की गई। इसके अलावा उन्हें मुफ्त वकील के बारे में भी बताया गया। ऐसे बंदियों की सूची भी तैयार की गई जमानत तो हो गई है, उनका पास जमानत ना होने के कारण वह जेल में निरुद्ध हैं या कोर्ट में पेशी नहीं आ रही है। इसके अतिरिक्त ऐसे बंदियों की सूची तैयार की गई जिसे आज न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया और उच्च न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वर्तमान में जेल में निरूद्ध बंदियों को एल0ई0डी0 बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा जेल में कपड़े बनाने का काम भी बंदियों द्वारा किया जाता है। महिला बंदियों का ज़िला कारागार की महिला बैरक में प्राथक से चिकित्सा केंद्र बनाया गया है, जिसमें एक महिला चिकित्सक और दो नर्सों द्वारा सप्ताह में एक दिन महिला बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,मथुरा द्वारा महिला बैरक में निरुद्ध महिला बंदियों से बातचीत की गई और उनके प्रकरणों की जानकारी ली गई। इसके अलावा महिला बंदियों ने बताया कि उनके साथ रह रहे हैं 11 बच्चेचो को जेल प्रशासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में पोषण का पता लगाया जा रहा है। उपस्थिति के दौरान बंदियों से नि:शुल्क न्यायिक सहायता वकील से संबंधित जानकारी ली गई, बुराइयों द्वारा बताया गया कि सभी के पास उनके व्यक्तिगत/सरकारी वकील मौजूद हैं बंदियों द्वारा खाने-पीने की कोई समस्या नहीं बताई गई। इसके अलावा सचिव महाजन द्वारा जेल लोक अदालत के मामले में कहा गया है कि छोटे मुकदमों को जेल लोक अदालत के माध्यम से जुर्म एकबाल करते हुए समाप्त किया जा सकता है जिसका लाभ जेल में निरूद्ध बंदियों द्वारा दायर किया जा रहा है और जेल लोक अदालत में भी किया जा रहा है पत्रावली लगवाए जाने के लिए बाध्य लोगों को भी प्रेरित किया गया।
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Author: Vijay Singhal
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