हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ठंड के बढ़ते प्रकोप के बीच जरा सी लापरवाही के कारण बच्चे और बुजुर्ग फेफड़ों में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। रात में ठंड और दिन में धूप के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। यह बच्चों और बुजुर्गों की सेहत बिगाड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 550 से अधिक मरीज आ रहे हैं, जिसमें 200-215 मरीज फेफड़ों में संक्रमण से पीड़ित हैं। चेस्ट फिजीशियन डॉ. रवि महेश्वरी ने बताया कि शादी व अन्य कार्यक्रमों का सीजन चल रहा है। जाने-अनजाने में ठंडे पेय पदार्थ का सेवन, ठंड में ज्यादा देर बाहर रहने, दूषित खानपान और हवा आदि के कारण से लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वे जल्दी ही इसकी चपेट में आ रहे हैं। शुरुआत फेफड़ों में जकड़न, जुकाम, खांसी से होती है। सही इलाज न मिलने पर श्वास नलिकाओं में बैक्टीरिया का संक्रमण होता है। इससे सूजन की स्थिति आने पर लगातार खांसी आती है और बुखार आने लगता है। खांसी, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, थकान, वजन कम होना, रात में पसीना आना, भूख न लगना, घरघराहट, हृदय गति बढ़ना, बलगम में खून आना समेत अन्य लक्षण फेफड़ों के संक्रमण के होते हैं। डाॅ. रवि महेश्वरी ने बताया कि अगर दो दिन में तबीयत सामान्य न हो तो चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। गंदे हाथों से चेहरे और मुंह को न छुएं, निमोनिया, फ्लू का टीका जरूर लगवाएं, धुएं और भीड़ से बचने का करें प्रयास, कोहरा और धुंध होने पर घर से कम निकलें, पौष्टिक भोजन लें, बासी भोजन से परहेज करें, दिन में तीन-चार बार गुनगुने पानी से गरारा करें व बच्चों को गुनगुना दूध पीने को दें।
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Author: Vijay Singhal
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