हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। रिफाइनरी में 19 नवंबर को एवीयू प्लांट में धमाके के साथ आग लगने से झुलसे कर्मचारियों की हालत जानने के लिए भारत सरकार की जांच टीम ने झुलसे कर्मचारियों और उनके परिजन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपचार के संबंध में जानकारी की। 40 दिन शटडाउन के बाद पिछले 19 नवंबर को एड्रिकफेरिक वैक्यूम यूनिट (एवीयू) प्लांट में धमाके के साथ आग लग गई। इसमें दो अधिकारी समेत 10 लोग झुलस गए थे। आगजनी के कारणों की जांच के लिए विभिन्न टीम जांच कर रही हैं। इसके अलावा भारत सरकार की टीम ने मरीजों को हॉस्पिटल में जाकर देखा और उनके परिजन से बातचीत की। टीम को आशंका थी कि रिफाइनरी प्रशासन झुलसे अधिकारियों और कर्मचारियों के इलाज में लापरवाही तो नहीं बरत रही है। उनका सही तरीके से इलाज हो रहा है या नहीं। यह जानने के लिए सबसे पहले टीम के सदस्य सिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद स्थित मेट्रो और उसके बाद अपोलो हॉस्पिटल गए। यहां उन्होंने झुलसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने रिफाइनरी की ओर से इलाज के लिए दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में बारीकी से जानकारी ली। परिजनों से भी बातचीत की। रिफाइनरी अधिकारियों के अनुसार, जिस प्लांट में आग लगी थी उसकी उच्च स्तरीय जांच के साथ उत्पादन शुरू कर दिया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की सात सदस्यीय टीम हादसे के बाद से जांच में जुटी है। टीम जांच टीम के सामने एवीयू यूनिट में नेफ्था शोधित होने के लिए छोड़ा गया। यूनिट ने करीब 70 फीसदी उत्पादन शुरू कर दिया है। सब कुछ सामान्य रहने पर रिफाइनरी प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का दावा है कि दो से तीन दिन में रिफाइनरी की सभी यूनिटों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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