हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। परिषदीय विद्यालयों में अप्रैल से नया सत्र चल रहा है। सत्र के सात महीने बीतने के बाद अभी तक 25 हजार से अधिक बच्चों को डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफार (डीबीटी) योजना का लाभ नहीं मिल सका है। ऐसे में लाभ से वंचित अभिभावकों के बच्चे बिना यूनिफाॅर्म, जूता, मोजा व बैग के ही विद्यालय आने को मजबूर हैं। जिले के 1,536 परिषदीय विद्यालयों में 1,39,806 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले ही शासन स्तर से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को समय से किताबें, यूनिफॉर्म, जूता, मोजा, बैग उपलब्ध कराने के निर्देश थे। विभागीय अधिकारियों और शिक्षकों की लापरवाही के चलते स्कूल में बच्चे ठिठुरते हुए पहुंचने को विवश हैं।जिले में पंजीकृत छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 1,14,428 बच्चों के अभिभावकों के खाते हुए यूनिफाॅर्म की धनराशि पहुंच चुकी है। 25,378 बच्चों को लाभ नहीं मिल सका है। बीएसए के अनुसार प्रधानाध्यापकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों व उनके आधार कार्ड फोन नंबर से लिंक न होने के कारण दिक्कत आ रही हैं। विद्यालय स्तर पर शिक्षकों द्वारा इन बच्चों का ब्योरा नहीं दिया। यही कारण है जो बच्चों को डीबीटी का लाभ नहीं मिल सका है। परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्टेशनरी, बैग और स्टेशनरी के लिए शासन की ओर से प्रति छात्र व छात्रा के अनुसार उनके अभिभावकों के बैंक खाते में 1200 रुपये भेजे जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन बच्चों को डीबीटी का लाभ मिल चुका है, उनमें कुछ अभिभावकों ने उस धनराशि को खर्च कर दी है। ऐसे अभिभावकों का भी डाटा जुटाया जा रहा है।
सुनील दत्त, बीएसए ने कहा, सभी शिक्षकों व बीईओ को पत्र भेजा जा रहा है। इसमें जल्द योजना का लाभ देने के लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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Author: Vijay Singhal
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