हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। प्रभारी निरीक्षक गोविन्दनगर ललित भाटी मय उ0नि0 नीरज सिंह भाटी (चौकी प्रभारी बिरला मंदिर) व उ0नि0 चमन कुमार शर्मा (चौकी प्रभारी डींग गेट) मय हमराही पुलिस बल के साथ दिनांक 15/08/2023 को 07 व्यक्तियों को पी.एम.वी. कालेज के सामने, हनुमान मन्दिर के पास से गिरफ्तार किया गया। घटना का संक्षिप्त विवरण- अभियुक्तगण लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके आधारकार्ड, पैनकार्ड व मोबाइल नम्बर को एक ग्रुप में मंगवाते हैं तथा उनको अपनी बातों में फंसाकर सैलरी देने की बात कहकर उनके आनलाइन डिजिटल एकाउन्ट बैंकों में खुलवाने के लिए तैयार कर लेते हैं, बैंक द्वारा भेजे गये लिंक को उन्ही से वीडियोकाल के माध्यम से वेरीफाई/के.वाई.सी. करा लेते हैं बैंक द्वारा जारी न्यू ओपन डिजिटल खाता किटों (पासबुक, चैकबुक, ए.टी.एम. कार्ड) को अभियुक्तगण अपने द्वारा दिये गये अधूरे पते पर मंगवाते है तथा खाताधारक को विश्वास में लेकर उनके साथी जो ब्लूडाट कोरियर कम्पनी में नौकरी करते हैं द्वारा रिसीव कर लेते हैं जो किट सीधे खाताधारक के पास पहुंच जाती है उन खाता किटों को ये लोग स्पीड पोस्ट के माध्यम से खाताधारक से अपने पास मंगवा लेते हैं। अभि0गण अपनी-अपनी पहचान छिपाने के लिए अपने-अपने नाम बदल बदल कर फर्जी आधार कार्ड बनाकर लोगों को भेजते/दिखाते हैं ताकि इनकी पहचान न हो सके और फिर, वे किट जो सीधे खाताधारक के पते पर पहुंच जाती है उन्हें ये लोग अपने द्वारा बताये फर्जी आधारकार्ड के नाम व पते पर वापस मंगाकर रिसीव कर लेते है। इस काम में अनीश उर्फ रहीश व अंकित दोनो लोग ब्लूडाट कोरियर कम्पनी आगरा से व शाहरूख ब्लूडाट कम्पनी मथुरा से न्यू ओपन डिजिटल खाता किटों को उठा कर लाते है। जिसके बाद ये लोग साइबर के माध्यम से टटलू काटते है तथा OLX पर गाड़ी व कीमती सामान का एड कम कीमत की वस्तु बताकर व सैक्स वीडियो बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करके इस प्रकार के खातों में पैसे डलवा लेते हैं और उनको निकालकर खातों को फेंक देते है। इस तरह से ये लोग पकड़े भी नही जाते है और अच्छी खासी इनकम हो जाती है। जिसको ये लोग आपस में बांट लेते है इन व्यक्तियों द्वारा जनता के सीधे साधे लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनको अपने जाल मे फंसाकर उनके आधार कार्ड व पेन कार्ड व मोबाइल नम्बर लेकर सैलरी का झांसा देकर बेईमानी पूर्वक उनके खाता खुलवाकर अन्य लोगो के साथ ठगी करके अनैतिक लाभ कमाते है तथा अपनी पहचान छिपाने के लिये कूटरचित आधार कार्ड का प्रयोग करते हैं।
