हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कोसीकलां में किस्मत का खेल कहें, या फिर कानून की पेंचीदगी, जिसके चलते एक निर्दाेष को एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आठ साल से अधिक समय अपनों से दूर रहकर काटना पड़े, लेकिन न्यायालय ने आरोपी को निर्दोष मानते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया। बताते हैं कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत 2015 में एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में सुखवीर को पुलिस ने बिना जांच पड़ताल किए पॉक्सो एक्ट में जेल भेज दिया। जिला न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत निर्दोष को आजीवन कारावास की सजा सुना डाली। परिजनों ने हिम्मत नहीं हारी और कानून के जानकारों से संपर्क कर इलाहबाद उच्च न्यायालय में न्याय के लिए याचिका डाली। मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने सुखवीर को दोषमुक्त करार देते हुए उसे रिहा करने के आदेश दे दिए। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता पवन कुमार सिंह ने बताया कि सुखवीर ने पीड़िता के पिता को उसकी बेटी के साथ हुए दुष्कर्म की जानकारी दी थी। पुलिस ने मदद करने वाले निर्दोष सुखवीर को ही दुष्कर्म के झूठे आरोप में फंसा दिया।
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Author: Vijay Singhal
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