हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कंप्यूटर के युग में जहां ऑनलाइन गेम के बच्चे दीवाने हैं, वहीं उनको मिट्टी की कला से जोड़ने का अद्भुत प्रयोग ग्रोइंग सोल किड्स गुरुकुल में किया गया। बच्चों ने अपने नन्हे हाथों से मिट्टी की विभिन्न कलाकृतियां बनाईं। चाक कला को देख बच्चे रोमांचित हो उठे। ग्रोइंग सोल किड्स गुरुकुल में सोमवार को तीन दिवसीय कुंभ कला का शुभारंभ नर्सरी के बच्चों ने चाक का पूजन करके किया। सभागार में कुंभ कलाकार ने जैसे ही चाक चलाया, तो बच्चे खुशी से झूम उठे। बच्चों ने चाक पर घड़े, सुराही, दीपक, सकोरे, गुल्लक बनते देखे। उनके जहन में तमाम जिज्ञासाओं ने जन्म लिया। इसके बाद बच्चों के हाथ में मिट्टी दी गई। इस मिट्टी से बच्चों ने तरह -तरह की आकृतियां बनाईं। नर्सरी और प्ले ग्रुप के बच्चों ने मिट्टी के लड्डू, सांप व चंदा मामा बनाए। अमरनाथ विद्याश्रम के प्रधानाचार्य डाॅ. अरुण कुमार वाजपेयी ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा में तकनीक के साथ-साथ संस्कृति का समावेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रख्यात कवि सोम ठाकुर की पंक्ति मेरे भारत की माटी है चंदन और अबीर की याद दिलाते हुए ग्रोइंग सोल की निर्देशिका सोनिका शर्मा ने बताया कि मड एक्टिविटी के प्रति बच्चों में भारी क्रेज रहा। इस एक्टिविटी का उद्देश्य जहां लुप्त हो रही मिट्टी की कला को जीवित रखना है, वही इसके कई लाभ हैं। इस दौरान समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा।
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Author: Vijay Singhal
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