हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मुड़िया पूर्णिमा मेले के चौथे दिन रविवार को गोवर्धन जाने वाले हर रास्ते पर जाम के हालत रहे। जयकारे लगाते श्रद्धालुओं के जत्थे दिनभर पहुंचते रहे और यह क्रम रात भर चला। आलम यह था कि रात में परिक्रमा मार्ग पर मानव शृंख्ला नजर आई। मथुरा से गोवर्धन, वृंदावन से गोवर्धन और कोसी, सौंख रोड पर बसों, ट्रैक्टर ट्रालियों, निजी वाहनों में और पैदल ही लोग गिरिराज दर्शन के लिए बढ़े चले जा रहे थे। रात में रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। पांच दिवसीय मेले का समापन सोमवार को मुड़िया संतों की ओर से निकाली जाने वाली शोभायात्रा के साथ होगा। चकलेश्वर मानसी गंगा के पास स्थित महाप्रभु मंदिर व सनातन गोस्वामी भजन कुटीर के सामने अधिवास के बाद अखंडनाम संकीर्तन चल रहा है। शोभायात्रा से पहले राधाकुंड स्थित संत रघुनाथ दास गोस्वामी की गद्दी से गौैड़ीय संत बड़ी संख्या में धर्म निशान, मृदंग, झांझ मंजीरा के साथ गोवर्धन के चकलेश्वर मंदिर क्षेत्र स्थित चैतन्य महाप्रभु मंदिर में सनातन गोस्वामी की भजनकुटी पर आएंगे। यहां भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के बाद शाम चार से पांच बजे तक कीर्तन के माध्यम से सनातन गोस्वामी के जीवन पर प्रकाश डालेंगे। पांच बजे गौडीय संतों की शोभायात्रा चैतन्य महाप्रभु मंदिर से शुरू होगी, जो कि हरिदेव मंदिर, छोटा बाजार, दानघाटी, बड़ा बाजार, हाथी दरवाजा होते हुए पुनः भजनकुटी पर आकर संपन्न होगी। चैतन्य महाप्रभु मंदिर के महंत श्रीगोपाल दास ने बताया कि शोभायात्रा में शामिल होने के लिए ब्रज के संतों के अलावा पं. बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली से बड़ी संख्या में संतजन आए हैं। इससे पहले सुबह निकलने वाली शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर राधा श्यामसुन्दर मंदिर के महंत रामकृष्ण दास ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे मंदिर से शोभायात्रा शुरू होगी। इसमें शामिल होने के लिए करीब 500 संतजन पं. बंगाल, बिहार, ओडिशा, बांग्लादेश से आए हैं।
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Author: Vijay Singhal
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